किसान आंदोलन में शामिल मेधा पाटकर को पुलिस ने रोका, दिल्ली हुई थीं रवाना

Smart News Team, Last updated: 26/11/2020 03:44 PM IST
कृषि अध्यादेश के विरोध में किसाने के साथ दिल्ली जा रही सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर आगरा पुलिस ने रोका लिया. किसानो ने हाइवे जाम कर दिया. मौके पर पहुंचे आधिकारियों ने किसानों से बात करके एक लाइन का जाम खुलवा दिया. मेधा पाटकर ने कहा केंद्र सरकार निजीकरण करके किसानों के सपने साथ खिलवाड़ कर रही है.
वरिष्ट अधिकारियो से बात करती सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर

आगरा: कृषि अध्यादेश के विरोध में दिल्ली की ओर बढ़ रहे किसानों और सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर को पुलिस ने राजस्थान-यूपी बार्डर पर रोक लिया है. किसानों ने इसके बाद हाइवे जाम कर दिया है. जाम खुलबाने मौके पर पहुंचे डीएम राजेश कुमार ने जाम को खुलवाकर एक लाईन को चालू कर दिया है. सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर ने कहा है कि अब संविधान की रक्षा करना जरूरी हो गया है. इस समय केंद्र सरकार मजदूर और किसान साथ अन्याय कर रही है. केंद्र सरकार लगातार निजी करण करते जा रही है जिससे खेती किसानी और आम आदमी बचा है. लेकिन उनका अस्तिव खतरे में जा रहा है.

बुधवार की रात करीब 8 बजे आगरा पुलिस ने लगभग 200 किसानों को राजस्थान-यूपी बार्डर पर रोक लिया गया था. जिसके बाद सभी किसान भूखे प्यासे धरने पर बैठ गये है. किसान का कहना है उन्हें तो दिल्ली जाना है तो पुलिस ने कयो हमें रोक लिया है. वही आगरा एएसपी बब्लू कुमार ने कहा है कि किसानों को शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए रोका गया है. वही एएसपी ने पुलिस की मदद से एक लाइन का जाम खुलवा दिया है.

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घटना स्थल पर बातचीत करते हुए पाटकर ने कहा, कि यूपी सरकार और राजस्थान सरकार आपस में बात नहीं कर सकती. ऐसी स्थिति में यह जन आंदोलनों की राजनीति हम लोग आगे बढ़ाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि यह सरकार किसानों के जीने का रास्ता रोक रही है. वही राजस्थान और आगरा पुलिस ने किसानों से बातचीत कर एक लाइन को शुरू करा दिया है.

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