आगरा में बढ़ा प्रदूषण का कहर, 339 पर पहुंचा एक्यूआई लेवल

Smart News Team, Last updated: 07/12/2020 09:51 PM IST
  • आगरा में जैसे-जैसे सर्दी बढ़ रही है, हवा की हालत भी वैसे-वैसे ही दिन पर दिन खराब होती जा रही है. रविवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आगरा में एयर क्वालिटी इंडेक्स 339 दर्ज किया था.
फाइल फोटो

आगरा: आगरा में जैसे-जैसे सर्दी बढ़ रही है, हवा की हालत भी वैसे-वैसे ही दिन पर दिन खराब होती जा रही है. रविवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आगरा में एयर क्वालिटी इंडेक्स 339 दर्ज किया था. वहीं, बीते शनिवार को आगरा में एक्यूआई लेवल करीब 333 पर था. बताया जा रहा है कि आगरा की हवा में अति सूक्ष्म कणों की मात्रा छह गुना से अधिक रही. रिपोर्ट के अनुसार इस स्थिति में ज्यादा दिन रहने से आगरावासियों को सांस लेने से जुड़ी परेशानियां भी हो सकती हैं.

प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण आगरा देश में 17वां सबसे प्रदूषित क्षेत्र रहा. वहीं, उत्तर प्रदेश का जिला गाजियाबाद देश का सबसे ज्यादा प्रदूषित जिला रहा. आगरा में संजय प्लेस स्थित ऑटोमेटिक मॉनीटरिंग स्टेशन पर एकत्र आंकड़ों के आधार पर सीपीसीबी द्वारा प्रतिदिन शाम को जिले में वायु गुणवत्ता की स्थिति पर रिपोर्ट जारी की जाती है. सीपीसीबी के मुताबिक आगरा में हवा में घुली कार्बन मोनोआक्साइड की अधिकतम मात्रा मानक चार माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर के 28 गुना से भी ज्यादा रही.

सोशल मीडिया पर आगरा पुलिस के रिश्वत लेने का ऑडियो वायरल, IG ने DGP से की शिकायत

आगरा में अति सूक्ष्म कणों की अधिकतम मात्रा 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर के छह गुना से भी अधिक रही. इससे इतर बताया जा रहा है कि अति सूक्ष्म कणों की न्यूनतम मात्रा भी मानक के पांच गुना से अधिक रहने से श्वास, हृदय और फेफड़ों के रोगी परेशान हो सकते हैं. सीपीसीबी के प्रभारी अधिकारी कमल कुमार ने बताया कि आगरा में वायु प्रदूषण बढ़ने की मुख्य वजह हवा के बहाव की गति कम होना है. कम गति के कारण प्रदूषक तत्व हवा में स्थिर हो गए हैं, जिससे प्रदूषण का स्तर बढ़ता ही जा रहा है.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें