आगरा में प्रदूषण का स्तर हुआ खतरनाक, 346 पर पहुंचा वायु गुणवत्ता सूचकांक

Smart News Team, Last updated: Sat, 31st Oct 2020, 8:24 PM IST
  • बीते शुक्रवार ताजनगरी आगरा पूरी तरह से गैस चैंबर में तब्दील हो गई. दरअसल, आगरा में बीते शुक्रवार को वायू प्रदूषण और ऊंचे स्तर पर पहुंच गया. यहां खतरनाक कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा सामान्य से 32 गुना ज्यादा और धूल कणों की संख्या सामान्य से सात गुना ज्यादा हो गई थी.
ताजनगरी आगरा पूरी तरह से गैस चैंबर में तब्दील हो गई

आगरा: आगरा में वायु प्रदूषण दिन-पर-दिन खतरनाक स्तर पर पहुंचता चला जा रहा है. हैरान करने वाली बात तो यह है कि बीते शुक्रवार ताजनगरी आगरा पूरी तरह से गैस चैंबर में तब्दील हो गई. दरअसल, आगरा में बीते शुक्रवार को वायू प्रदूषण और ऊंचे स्तर पर पहुंच गया. यहां खतरनाक कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा सामान्य से 32 गुना ज्यादा और धूल कणों की संख्या सामान्य से सात गुना ज्यादा हो गई थी. जिले के कई स्थानों कि स्थिति ऐसी हो गई थी कि वह किसी गैस चैंबर से कम नहीं थे.

बीते शुक्रवार आगरा में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सीजन के सबसे उच्चस्तर यानी 346 पर पहुंच गया था. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वायु प्रदूषण को लेकर रिपोर्ट भी जारी की, जिसमें बताया गया कि आगरा देश का 15वां प्रदूषित शहर रहा. वहीं, उत्तर प्रदेश में यह प्रदूषण के मामले में पांचवें नंबर पर रहा. जिले में ठंड ने भी दस्तक दे दी है, ऐसे में तापमान कम होने के कारण मिक्सिंग हाइट भी नीचे आ गई, जिससे आगरा खतरनाक गैसों का चेंबर बन गया.

आगरा में सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा प्रदूषण, हवा हुई खतरनाक

बता दें कि आगरा में लगातार तीसरे दिन एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 से ज्यादा रहा. बेहद सूक्ष्म पार्टिकुलेट मैटर 2.5 के साथ-साथ उससे बड़े साइज के पीएम 10 कणों की मात्रा भी शहर में सामान्य से 6 से 8 गुना के बीच बनी हुई है. बताया जा रहा है कि आगरा में प्रदूषण का मुख्य कारण यहां हो रहे कंट्रक्शन के काम की वजह से है. जिल निगम की खुदाई और उससे उड़ने वाली धूलों को लेकर न किये जाने वाले उपायों से यहां प्रदूषण का स्तर दिन-पर-दिन बढ़ता ही जा रहा है.

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