पुलवामा शहीद की पत्नी का धरना तीसरे दिन खत्म, ADM ने सौंपा 65 लाख का चेक

Smart News Team, Last updated: Sun, 4th Jul 2021, 6:42 AM IST
  • पुलवामा हमले में शहीद कौशल कुमार रावत की पत्नी ममता रावत अपनी कुछ जायज मांगों को लेकर परिवार संग गुरुवार सुबह कहरई गांव में शहीद के स्मारक पर धरने पर बैठी थीं. जिसके बाद प्रशासन की नींद उड़ गई और शनिवार शाम एडीएम सिटी ने आनन-फानन शहीद विधवा को 65.57 लाख रुपये का चेक सौंपा.
शहीद की पत्नी ममता रावत को चेक देते एडीएम सिटी प्रभाकांत अवस्थी

आगरा: हमारे देश में जब कोई जवान शहीद होता है तब प्रशासन इतना सक्रिय हो जाता है कि प्रशासन और सरकार द्वारा शहीद के परिवार वालों को तमाम सुविधाएं देने का वादा किया जाता है लेकीन ये सभी वादे कभी धरातल पर नहीं आते हैं या तो कभी आधे अधूरे ही आते हैं. ऐसी ही एक और खबर सामने आई है जहां आगरा से पुलवामा शहीद विधवा वादों की पूर्ति और सुविधाओं को मांग-मांग कर थक गई तब वो धरने पर बैठ गई जिसके बाद से जिला प्रशासन की नींद उड़ गई. 

दरअसल पुलवामा हमले में शहीद कौशल कुमार रावत की पत्नी ममता रावत अपनी कुछ जायज मांगों को लेकर परिवार संग गुरुवार सुबह कहरई गांव में शहीद के स्मारक पर धरने पर बैठी थीं. जिसके बाद प्रशासन की नींद उड़ गई और शनिवार शाम एडीएम सिटी ने आनन-फानन शहीद विधवा को 65.57 लाख रुपये का चेक सौंपा. शहीद की पत्नी की सभी मांग भी प्रशासन ने मंजूर कर लीं. प्रशासन ने परिवार को विश्वास दिलाया कि जल्द ही उनकी सभी मांगों को पूरा कर दिया जाएगा. धरना खत्म होने के बाद परिवार ने जिला प्रशासन को धन्यवाद कहा.

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मामले में शहीद कौशल कुमार रावत की पत्नि गुरुवार सुबह कहरई गांव में शहीद की स्मारक पर धरने पर बैठ गईं. उनकी मांग थी कि हमले में शहीद हुए उनके पति के नाम से बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों द्वारा एक-एक हजार रुपये अपने वेतन से कटवाए थे. सरकार ने उस पैसे को शहीद के परिवार को देने के बजाए मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करा दिया. दो साल से अधिक समय बीत गया, परंतु सरकार ने पैसा नहीं दिया. इसके अलावा शहादत के बाद सरकार द्वारा किए गए वादों को भी पूरा न होने पर ममता रावत ने मांग पूरी न होने तक धरना देने की बात कही थी. धरने के तीसरे दिन के शाम को एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी धरनास्थल पर पहुंचे और ममता रावत के हाथ में 65.57 लाख रुपये का चेक सौंपा. इसके साथ ही उन्होंने परिवार को लिखित में अन्य मांगों को पूरा करने का भरोसा दिया.

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शहीद की बेटी अपूर्वा रावत ने बताया कि प्रशासन ने गांव के स्कूल का नाम 48 घंटे के अंदर पिताजी के नाम पर करने के लिए लिखित में दिया है. इसके अलावा गांव के शहीद के नाम पर द्वार बनवाने का काम 19 जुलाई से शुरू करने का आश्वासन प्रशासन ने दिया है. द्वार के लिए नापतौल शनिवार को हो गई. अपूर्वा ने बताया कि प्रशासन ने हमारी जमीन की मांग के बदले शमशाबाद रोड पर एक चौराहे का नाम शहीद कौशल कुमार रावत के नाम पर करने की बात कही. इस पर परिवार ने हामी भर दी है. इसके साथ ही प्रशासन ने वीर नारी का पिस्टल लाइसेंस भी जारी कर दिया. अपनी मांगों के पूरा होने के बाद ममता रावत ने प्रशासन को धन्यवाद कहा. मांगे पूरी होने पर ममता रावत ने धरना समाप्त कर दिया.

धरना समाप्त करने के बाद खुश नजर आ रहीं ममता रावत ने कहा कि शहीद पति कौशल कुमार रावत की प्रतिमा अनावरण के लिए परिवार एक सप्ताह के अंदर फैसला ले लेगा. हमारी कोशिश प्रतिमा अनावरण के लिए प्रदेश सरकार के उप मुख्यमंत्री अथवा सीआरपीएफ के महानिदेशक को बुलाने की है. फिलहाल इस पर परिवार जल्द ही अंतिम फैसला लेगा.

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