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आगरा में बवाल: कब्जा हटाने पहुंची तहसील टीम पर हमला, पथराव

Smart News Team, Last updated: 03/07/2020 11:04 AM IST
  • आगरा-जयपुर नेशनल हाईवे पर किरावली में गुरुवार को कब्जा हटाने गई प्रशासनिक-पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया।
फाइल फोटो

आगरा-जयपुर नेशनल हाईवे पर किरावली में गुरुवार को कब्जा हटाने गई प्रशासनिक-पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। एसडीएम और तहसील टीम को घेरकर हाथापाई की। मारपीट के बाद पथराव कर दिया। हमले से बचने को एसडीएम और टीम को जान बचाकर भागना पड़ा। इधर, ग्रामीणों ने धर्म स्थान तोड़ने, श्रद्धालुओं से मारपीट और धार्मिक ग्रंथ के अपमान का आरोप लगाते हुए हाईवे पर जाम कर दिया। स्थिति काबू में करने के लिए सर्किल का फोर्स और पीएसी बुला ली गई। मौके पर हालात तनावपूर्ण बने हुए थे। देर रात कब्जा, हमला आदि के मामले में पांच नामजदों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।

हाईवे किनारे स्थित गांव थापी में जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत पर गुरुवार को कार्रवाई के लिए एसडीएम डॉ नंदकिशोर कलाल तहसील टीम व फोर्स के साथ पहुंचे। साधु ऊधम दास, धर्ममुनि, बरवासी, तोताराम आदि का आरोप है कि उस समय धर्म स्थान पर पाठ चल रहा था। पुलिस-प्रशासन ने पहुंचते ही बल प्रयोग शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों को खदेड़ दिया। धार्मिक ग्रंथ का भी अपमान किया। तोड़फोड़ शुरू कर दी। मौजूद लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि विरोध से पुलिस बौखला गई। उनको पीटना शुरू कर दिया। साधुओं और महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई से 65 साल की जानकी पत्नी कमल सिंह और साठ साल की मायादेवी पत्नी दलेरा घायल हो गईं।

इधर, धर्म स्थान पर बवाल की सूचना पाकर मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठे हो गए। एसडीएम सहित पुलिस बल को घेर लिया। हाथापाई करते हुए पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। पुलिस-प्रशासन के हाथ पैर फूलने लगे। ग्रामीणों ने एसडीएम और अन्य अधिकारियों को दौड़ा दिया। उनको जान बचाने के लाले पड़ गये। खुद को घिरता देख पुलिस प्रशासन बैरंग लौट आया। एसडीएम ने पूरे सर्किल की फोर्स और पीएसी को बुलवा लिया। उधर, ग्रामीण भी एकजुट हो गए। हाईवे जाम कर दिया। करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा। पुलिस ने इस मामले में दो साधु सहित चार लोगों को हिरासत में लिया है।

राजनीतिक षड्यंत्र की बू

मामले की जानकारी मिलने पर पूर्व सांसद चौधरी बाबूलाल मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों से जानकारी ली। घायलों की स्थिति जानी। चौधरी बाबूलाल ने कहा कि पूरे मामले में राजनीतिक षड्यंत्र की बू आ रही है। पुलिस-प्रशासन ने धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ किया है। तोड़फोड़ के अलावा साधु और महिलाओं से मारपीट निंदनीय है। वह पूरे मामले से उच्चाधिकारियों और शासन को अवगत कराएंगे। ग्रामीणों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जायेगा। धर्मस्थान को किसी भी हालत में नहीं टूटने दिया जायेगा। दोषी अधिकारियों पर हर हाल में कार्रवाई कराकर ही दम लेंगे।

एसडीएम पर हमले की निंदा

प्रशासनिक और पुलिस टीम पर हमला और पथराव की घटना के बाद कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त हो गया। इस मामले में कर्मचारियों की बैठक में एडीओ और ग्राम पंचायत अधिकारियों ने एसडीएम डा. नंदकिशोर व अकोला के बीडीओ पर हमले की निंदा की है। एडीओ पंचायत संघ के अध्यक्ष दीवान सिंह, दीपक चाहर, अशोक कुमार आदि ने दोषियों पर कार्रवाई मांग की है ।

कॉलोनी बनाने की है योजना

बताया गया है कि गांव थापी में नेशनल हाईवे किनारे एक बिल्डर ने आठ बीघा जमीन खरीदी है। वहां कॉलोनी बनाने की योजना है। उसकी जमीन के सामने ग्राम समाज की जमीन और बराबर में धार्मिक स्थान है। ये कॉलोनी बनाने में अवरोधक बन रहे थे। बिल्डर ने तहसील प्रशासन से ग्राम समाज की जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत की थी।

देर रात पांच लोगों पर मुकदमा

देर रात तहसील प्रशासन की ओर से साधु ऊधम दास पुत्र रामदास, तोताराम पुत्र कलुआराम, बरवासी पुत्र भगवान सिंह, हरिराम पुत्र खेमचंद्र (सभी निवासी थापी) और कठवारी के धर्ममुनि पुत्र गिर्राज सिंह के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है।

किरावली एसडीएम डा. नंद किशोर ने कहा कि तहसील की टीम एक गांव में रास्ते के विवाद को निपटाने जा रही थी। थापी गांव में भी अवैध कब्जे की शिकायत आई थी। राजस्व टीम के कहने पर हम मौका मुआयना कर रहे थे। तभी वहां मौजूद लोगों ने मुझ पर, राजस्व टीम और पुलिस पर जानलेवा हमला कर दिया। सभी लोगों ने बमुश्किल जान बचाई। मौके से दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

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