मां-बाप के लिए श्रवण कुमार बना युवक, बिक्की पर बैठाकर कराई 907 कि.मी की यात्रा

Smart News Team, Last updated: Wed, 24th Feb 2021, 7:22 PM IST
  • आगरा के अंबेडकर नगर में एक बेटा अपने मां-बाप के लिए श्रवण कुमार साबित हुआ है. उसने अपने माता-पिता को बिक्की पर बैठाकर 907 किलोमीटर की यात्रा कराई और इन्हें ख्वाजा गरीब नवाज मोइनुद्दीन की दरगाह की जियारत कराई.
प्रतीकात्मक तस्वीर

आगरा के अंबेडकर नगर में एक बेटा अपने मां-बाप के लिए कलयुग का श्रवण कुमार साबित हुआ है. युवक का नाम मुस्तफा बताया जा रहा है, जिसने अपने माता-पिता को बिक्की पर बैठाकर ही 907 किलोमीटर की यात्रा कराई और इन्हें ख्वाजा गरीब नवाज मोइनुद्दीन की दरगाह की जियारत भी कराई. बताया जा रहा है कि मुस्तफा बीते सोमवार को अजमेर से लौटते समय आगरा के कोठी मीना बाजार के मैदान में पहुंचे. बताया जा रहा है कि वह मजदूरी करके ही अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं.

बताया जा रहा है कि मुस्तफा की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है. उनकी अम्मी को बस में परेशानी होती है. इस बार उनके अम्मी और अब्बा की एक साथ हजरत ख्वाजा गरीब नवाज की मजार पर जियारत करने की इच्छा भी थी. ऐसे में वह अपने माता-पिता की इस इच्छा को पूरा करने के लिए टीवीएस कंपनी की मोपेड (बिना गियर वाला स्कूटर) पर ही खाद्य सामग्री व कपड़े लेकर 14 फरवरी को निकल पड़े थे. बीते 16 फरवरी को वह अजमेर पहुंचे और उन्होंने दरगाह में मन्नत का धागा भी बांधा था.

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मजार पर धागा बांधने के बाद वह अपने माता-पिता के साथ ख्वाजा गरीब नवाज की छठवीं शरीफ में भी शामिल हुए थे. मुस्तफा के पिता हकीम सरफराज अहमद ने अपनी यात्रा के बारे में बात करते हुए कहा कि 21 फरवरी को अजमेर लगभग 390 किलोमीटर का सफर तय करके आगरा पहुंचे हैं. यहां से चलने के बाद वह लखनऊ में रुकेंगे और ऐसे ही रुकते-रुकते अपने जिले आंबेडकर नगर पहुंच जाएंगे. उन्होंने बताया था कि मोपेड पर खाने पीने का सामान भी रहता था, ऐसे में वह केवल दिन में ही सफर करते थे. क्योंकि रात में सफर करना ठीक नहीं है.

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