आगरा किले में भगवान श्रीकृष्ण की मूर्तियां दबी होने का दावा, 19 अप्रैल को सुनवाई

Smart News Team, Last updated: Thu, 1st Apr 2021, 6:58 PM IST
  • आगरा की सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट में  श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन समिति ने लाल किले की छोटी मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे श्रीकृष्ण की मूर्ति दबी होने की बात कही. उन्होंने कोर्ट में श्रीकृष्ण की मूर्ति निकलवाने की अर्जी दाखिल की.
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन समिति ने कोर्ट से श्रीक़ृष्ण की मूर्ति किले से निकलवाने की मांग की है.

आगरा. उत्तर प्रदेश के आगरा में सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में गुरुवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन समिति ने प्रार्थना पत्र देकर आगरा किले से श्रीकृष्ण की मूर्ति निकलवाने की अर्जी दाखिल की है. इस मामले में कोर्ट ने सुनवाई 19 अप्रैल तय की है. कोर्ट में दिए जा रहे प्रार्थना पत्र में समिति प्रतिवादीगण मस्जिद के पदाधिकारियों सबूत मिटाने का आरोप लगाया जा रहा है.

इस बारे में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन समिति के अध्यक्ष एडवोकेट महेन्द्र प्रताप सिंह और वकील राजेन्द्र माहेश्वरी ने कहा कि अगली तारीख 19 अप्रैल को इस के अलावा अन्य प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई होगी. उन्होंने कहा कि पहले भी ईदगाही मस्जिद में यथास्थिति, अमीन कमीशन की रिपोर्ट, मस्जिद में रिसीवर नियुक्त करने और आर्किलोजिकल सर्वे ऑफ रिपोर्ट की मांग कोर्ट से की है.

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समिति के अध्यक्ष महेन्द्र प्रताप सिंह ने कोर्ट में कुछ ऐतहासिक तथ्य रखे. उन्होंने कहा कि 1669 में ओरछा नरेश वीर सिंह बुंदेला के बनवाए मंदिर का औरंगजेब ने विध्वंस कर ठाकुर केशवदेव जी के श्री विग्रह को उठवाकर आगरा के लाल किले की दीवान-ए-खास की छोटी मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे दबवा दिया. उन्होंने कहा कि सीढ़ियों के नीचे इस उद्देश्य से दबाई गईं थीं कि इन पर चढ़ते हुए ठाकुर केशवदेव के मूल विग्रह के पैरों के नीचे दबने का एहसास हो.

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महेन्द्र प्रताप सिंह ने कोर्ट में कहा कि इससे आज भी ठाकुर केशवदेव और हिन्दू धर्म के लाखों-करोड़ों अनुयायियों की भावनाएं आहत हो रही हैं. उन्होंने अदालत से ठाकुर केशवदेव के उन मूल विग्रह को आगरा लाल किले की दीवान-ए-खास में बनी छोटी मस्जिद की सीढ़ियों से निकलवाने की मांग की.

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