NEET पेपर के दवाब में छात्र ने लगाई फांसी, पिछले साल पूरा नहीं हो सका था MBBS में एडमिशन का सपना

Swati Gautam, Last updated: Sun, 5th Sep 2021, 2:20 PM IST
  • आगरा में 12 सितम्बर को होने वाली नीट परीक्षा के दबाव में 19 साल के छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतक छात्र का नाम आर्यन है इसने पिछली वर्ष नीट की परीक्षा दी थी पर एमबीबीएस नहीं मिल पाया था. पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. फिलहाल छात्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है.
NEET पेपर के दवाब में छात्र ने लगाई फांसी, पिछले साल पूरा नहीं हो सका था MBBS में एडमिशन का सपना (फाइल फोटो)

आगरा. शुक्रवार को आगरा के कमला नगर के ए ब्लॉक में 19 साल के आर्यन नाम के छात्र में पढ़ाई के दवाब के चलते आत्घाती कदम उठाया और फांसी के फंदे से झूल गया. आर्यन की जिद्द थी कि उसे एमबीबीएस ही करना है. घरवालों से आर्यन ने कहा था कि इस साल उसका एमबीबीएस में चयन जरूर होगा. आने वाली 12 सितंबर को उसकी नीट की परीक्षा थी. परिजनों ने बताया कि आर्यन पढ़ाई में एकदम डूबा हुआ था. उसने परीक्षा के दवाब के चलते यह कदम उठाया है. सुचना मिलने पर पुलिस पहुंची जांच के दौरान कोई सुसाइड नोट नहीं मिला. फिलहाल छात्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है.

पिछले वर्ष भी आर्यन की नीट परीक्षा नहीं निकल पाई थी जिसके बाद से उसे यह लगने लगा कि इस बार भी चयन नहीं हुआ तो क्या होगा.आर्यन ने इस साल नीट का पेपर पास करने की ठान ली थी. पुलिस ने बताया कि कमला नगर में आर्यन के पिता के दो घर हैं. आर्यन ने दूसरे घर में पढ़ाई करने के बहाने से जाकर खुद को कमरे बंद करके फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. शाम को आर्यन की बहन आराध्या चाय लेकर आर्यन के पास गई, बहुत दरवाजा खटखटाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला इस पर आराध्या घबरा गई और चिल्लाने लगी. जब कमरे में कोई हलचल नहीं हुई तो आराध्या जल्दी से घर जाकर अपनी मां को सारी बात बताई. मां सभी परिवार वालों के साथ अपने दूसरे घर पर गई. इस बीच आस पड़ोस के लोग जमा हो गए. पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़ा तो आर्यन फंदे से लटका मिला.

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छात्र आर्यन सेंट पीटर्स कॉलेज में पढ़ाई करता था. आर्यन के पिता एक दवा व्यापारी हैं. आर्यन अपने परिवार का इकलौता लाडला पुत्र था. उसके जाने से घरवालों का रो-रो कर बुरा हाल है. बहन आराध्या की आंखों से आंसू रोके नहीं रुक रहे हैं. उसकी यादें रह-रहकर परिजनों को सता रही हैं. परिवार वालों का कहना है उन्होंने कभी अपने बेटे पर पढ़ाई का दवाब नहीं बनाया था. आर्यन का अपना सपना था कि वह डॉक्टर बने. उसने मां से कहा था कि नीट की परीक्षा में पास होने के बाद दोस्त के साथ मनाली जाएगा जिसपर माँ ने इंकार करते हुए कहा कि इस ख़ुशी के मौके पर पूरा परिवार साथ मनाली जाएगा. आज यही बातें सोच-सोच माँ के आंसू रोके नहीं रुक रहे हैं. 

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