ताजमहल बंद रहने से 35 करोड़ का हो चुका घाटा, चार महीने में ही लगा बड़ा फटका

Smart News Team, Last updated: 07/07/2020 05:28 PM IST
  • पिछले दो सालों से यह स्मारक लगातार घाटे में ही जा रहा है। ऊपर से दो बार तूफान आने से भी स्मारकों को करोड़ों का नुकसान हो चुका है।
35 करोड़ का ताज को हो चुका है नुकसान

कोरोना वायरस की वजह से आगरा में ताजमहल बंद होने से चार माह में लगभग 35 करोड़ का नुकसान हो चुका है। पिछले दो सालों से यह स्मारक लगातार घाटे में ही जा रहा है। ऊपर से दो बार तूफान आने से भी स्मारकों को करोड़ों का नुकसान हो चुका है।

इसी साल 17 मार्च से ताजमहल को कोरोना संक्रमण के कारण बंद कर दिया गया था। इन चार महीनों में भारतीय और विदेशी पर्यटकों के न आने से लगभग 35 करोड़ रुपये की टिकट बिक्री पर सीधा असर पड़ा है। पूर्व के दो वर्षों में भी ताजमहल आने वाले सैलानियों की संख्या कम होने के कारण भी काफी नुकसान हुआ था। इसी साल फरवरी में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलेनिया के आने के बाद फिर से पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी की उम्मीद जगी थी, लेकिन कोरोना की भेंट चढ़ गई।

कोरोना काल: उजड़ गई मोहब्बत के शहर की रौनक, गायब हुए पर्यटक, बंद हो गए 500 होटल

वर्ष 2018 के पुरातत्व विभाग के आंकड़ों को देखा जाए तो 2019 में 49.45 लाख भारतीय पर्यटक आए। इनके द्वारा खरीदी गईं टिकटों से 24.72 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई। जबकि वर्ष 2018 के आंकड़ों को देखा जाए तो पर्यटकों की संख्या ज्यादा होने के कारण 29.58 करोड़ की आय हुई थी। इस तरह विदेशी सैलानियों द्वारा टिकट खरीदे जाने पर वर्ष 2019 में एक अरब छह करोड़ रुपये मिले। वर्ष 2018 में विदेशी सैलानियों से एक अरब 18 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। लगातार पर्यटकों की संख्या घटने से राजस्व की भी काफी हानि हो रही है।

एएसआई ने चार करोड़ के काम कराए

पुरातत्व विभाग ने ताजमहल में पिछले वर्ष चार करोड़ की लागत से मेंटीनेंस और अन्य कार्य कराए। अधीक्षक पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार का कहना है कि पर्यटकों द्वारा ली गई टिकट का सारा पैसा सरकार के पास जाता है। उसको पुरातत्व विभाग खर्च नहीं कर सकता है। इस बार ताजमहल बंद होने के कारण भी यह रुका हुआ है। इस कारण संरक्षण के सारे काम भी रुक गए हैं। कोरोना के चलते पुरातत्व विभाग के पास काम करने के लिए मजदूर भी नहीं हैं।

अभी नहीं होंगे ताज महल के दीदार, कोरोना संक्रमण को देखते हुए सरकार का फैसला

आगरा के लिए ताजमहल के क्या मायने हैं

ताजमहल का मतलब भारत माना जाता है। इसे एक तरह से ब्रांड अंबेसडर भी माना जाता है। ताजमहल जब बंद हुआ तो पूरे देश का पर्यटन ही प्रभावित हो गया। ताजमहल के खुलने की बात आई तो लोगों की निगाहें इसी ओर टिक गईं। पर्यटन से जुड़े लोगों का मानना था कि पर्यटक जब ऐतिहासिक स्मारकों को देखने का प्लान बनाता है तो उसमें ताजमहल जरूर शामिल होता है। ताज के खुलने से पूरी दुनिया में संदेश जाता कि अब कोरोना से ज्यादा खतरा नहीं है।

हर वीवीआईपी की पसंद रहा है ताज

ताजमहल हर देश के राष्ट्राध्यक्ष की पहली पसंद में शामिल है। वह भारत आने पर कहीं जाए या नहीं, अपने परिवार के साथ ताज का दीदार करना नहीं भूलता। अमेरिका के पूर्व राट्रपति क्लिंटन ने यहां तक कह दिया था कि दुनिया में दो तरह के लोग हैं। एक वह जिन्होंने ताज को देखा है और दूसरे वह जिन्होंने ताज को नहीं देखा है। यही नहीं हालीवुड से लेकर बालीवुड और खिलाड़ियों को भी मोहब्ब्त की ये निशानी अपनी और जरूर खींच लाती है। इतना ही नहीं कई फिल्मों की शूटिंग भी ताजमहल में हो चुकी है।

अन्य खबरें