यूपी में पंचर बनाने वाले 5वीं पास का कमाल, बना दिया हवा से चलने वाला इंजन

Shubham Bajpai, Last updated: Sun, 7th Nov 2021, 3:06 PM IST
  • ताजनगरी आगरा में पंचर की दुकान चलाने वाले एक शख्स ने 14 साल की कड़ी मेहनत के बाद एक ऐसा इंजन तैयार किया है, जो पेट्रोल-डीजल नहीं बल्कि हवा से चलता है. 
प्रतिकात्मक फोटो

आगरा. शहर के फतेहरपुर सीकरी इलाके में एक चाय वाले ने ऐसा कारनामा कर दिया. जिसके बाद पूरे शहर में वो चर्चा का विषय बना हुआ है. 5वीं पास चाय और पंचर की दुकान चलाने वाले त्रिलोकी ने एक ऐसा इंजन तैयार किया है जो हवा से चलता है. त्रिलोकी ने अपने दोस्तों की मदद से 14 साल में इस इंजन को तैयार किया है. इस दौरान पैसे की मदद दोस्तों ने काफी की और अब स्थिति गंभीर होने पर त्रिलोकी ने सरकार से मदद मांगी है. त्रिलोकी का कहना है कि यदि सरकार उसकी मदद करती है तो इस इंजन से आने वाले समय में ईधन की कमी से हमें जूझना नहीं पड़ेगा और वायु प्रदूषण भी काफी कम हो जाएगा.

त्रिलोकी बताते हैं कि आज से 14 साल पहले वो एक पंचर बना रहे थे. तभी टैंक का वाल लीक हो गया. जिससे निकलने वाली हवा से टैंक का इंजन उल्टा चलने लगा. उसी वक्त ख्याल आया कि हवा से चलना वाला इंजन बन जाए तो खर्च कम होगा. तब से इस काम में लगा हूं.

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मानव शरीर को तकनीक की तरह किया उपयोग

इस इंजन को बनाने में त्रिलोकी ने मानव शरीर के अंगों को तकनीक की तरह उपयोग किया. इस इंजन में मानव शरीर की तरह फेफड़ों की तरह दो पंप लगाए हैं. जो हवा भरते और निकालते हैं जिससे इंजन चलता है. अभी इस इंजन को हाथ से स्टार्ट किया जाता है, लेकिन आने वाले वक्त में इसमें बैटरी का उपयोग होगा. वहीं, इस इंजन के पुर्जों को काम करने के लिए मोबिल ऑयल की जरूरत होती है. इसके पुर्जों को बाजार से नहीं लिया बल्कि खुद वेल्डिंग करने के साथ खराद करके बनाया है.

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इंजन बनाने में बिक गया 50 लाख का प्लाट और सारी संपत्ति

त्रिलोकी ने बताया कि इस इंजन को बनाने में पूरे जीवन के साथ 50 लाख रुपये का प्लाट और सारी संपत्ति बिक गई. साथ ही अन्य दोस्तों से मांगकर इसको तैयार किया. किसी तरह का कोई अनुदान इस इंजन के लिए नहीं लिया. अब पैसे नहीं है, यदि ये इंजन पेटेंट हो जाता है तो फैक्टरी लगाने के लिए पैसे नहीं है. यदि सरकार मदद करेगी तो हम इसके माध्यम से बहुत कुछ कर सकेंगे.

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