हाथरस मामला: एडीजी ने कहा- फॉरेंसिक रिपोर्ट में गैंगरेप की पुष्टि नहीं

Smart News Team, Last updated: 01/10/2020 08:39 PM IST
  • यूपी के हाथरस गैंगरेप मामले में एडीजी (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा कि फॉरेंसिक रिपोर्ट से साफ है कि पीड़िता के साथ बलात्कार नहीं हुआ था.
हाथरस एसपी

उत्तर प्रदेश के हाथरस गैंगरेप मामले में एडीजी (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट से साफ है कि पीड़िता के साथ बलात्कार नहीं हुआ था. इससे पहले हाथरस एसपी ने कहा था कि हाथरस मामले में रेप पीड़िता के मेडिकल रिपोर्ट से गैंगरेप की पुष्टि नहीं हुई है. 

हाथरस जिले के एसपी विक्रांत वीर ने कहा हैथा कि जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, अलीगढ़ से मिली मेडिकल रिपोर्ट में पीड़िता के शरीर पर जख्म की बात तो है, लेकिन सेक्शुअल इंटरकोर्स की पुष्टि नहीं हो पाई है. इसकी पुष्टि के लिए अब प्रशासन फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है.

वहीं जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल शाहिद अली सिद्दीकी ने कहा कि पीड़िता को पता नहीं क्यों सफदरजंग हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जबकि उन्होंने उसे एम्स रेफर किया था. गौरतलब है कि अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में पीड़िता का दो सप्ताह तक इलाज चला था।. इसके बाद पीड़िता को 28 सितंबर को दिल्ली के सफदंरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां अगले दिन ही उसकी मौत हो गई थी.

मेडिकल कॉलेज में ट्रॉमा सेंटर के डॉ. एहतेशाम ने बताया कि पीड़िता को गर्दन के पास गहरी चोट लगी थी और रीढ़ की हड्डी भी पूरी तरह से टूट चुकी थी। इसकी वजह से दोनों पैरों ने काम करना बंद कर दिया था। गर्दन के पास की हड्डी टूटने की वजह से उसे सांस लेने में भी बहुत दिक्कत हो रही थी। उसकी गर्दन की नस भी टूट चुकी थी। कहा जा रहा है कि गले और रीढ़ की हड्डी टूटने की वजह से ही युवती की मौत हुई है। हालांकि अब फॉरेंसिंक रिपोर्ट से इस बात की पुष्टि हो पाएगी।

गौरतलब है कि हाथरस में 14 सितंबर को एक दलित युवती से बलात्कार हो गया था, इसके बाद पूरे देश में इसके खिलाफ आक्रोश है और विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है। इस मामले में पुलिस चारों आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें