सचिन हत्याकांडः एक महीने से कर रहे थे मर्डर प्लान, इस फिल्म से मिला आइडिया

Smart News Team, Last updated: Wed, 30th Jun 2021, 11:46 PM IST
  • यूपी पुलिस ने सचिन हत्याकांड का खुलासा कर दिया है. दृश्यम फिल्म से आइडिया लेकर 25 वर्षीय सचिन चौहान की हत्या की गई. सबूत मिटाने के लिए लाश को कोरोना मरीज बताकर अंतिम संस्कार कर दिया गया. पुलिस ने 28 जून को हर्ष चौहान, सुमित आसवानी, हैप्पी खन्ना, रिंकू और मनोज बंसल को गिरफ्तार कर लिया है.
सचिन हत्याकांडः एक महीने से कर रहे थे मर्डर प्लान, इस बॉलीवु़ड फिल्म से मिला आइड

आगरा. यूपी में हुए 25 वर्षीय सचिन चौहान हत्याकांड का खुलासा यूपी पुलिस ने 27 जून को किया. न्यू आगरा के गांव खासपुर के पानी प्लांट में हुई सचिन की हत्या की प्लानिंग आप सुनेंगे तो आपको भी अजय देवगन की फिल्म दृश्यम याद आ जाएगी. जैसा की फिल्म में दिखाया गया है कि लाश न मिले तो पुलिस कुछ नहीं कर सकती है ठीक इसी प्रकार सचिन की हत्या के बाद भी हत्यारोपियों ने लाश को जलाकर इसके सबूत मिटाने चाहे लेकिन पुलिस जब मामले की जड़ तक गई तो आरोपियों की पहचान कर ली गई. जिसके बाद 28 जून को हर्ष चौहान, सुमित आसवानी, हैप्पी खन्ना, रिंकू और मनोज बंसल को गिरफ्तार करके जेल भेजा दिया गया.

बता दें कि जयराम बाग, दयालबाग न्यू आगरा के निवासी और कोल्ड स्टोरेज स्वामी सुरेश चौहान का बेटा सचिन चौहान 21 जून को लापता हुआ था. हत्यारोपी सचिन के पिता के पार्टनर के ही बेटे थे. सचिन और सुमित आसवानी के बीच विवाद हो गया था जिसके बाद सचिन ने उसके पास जाना बंद कर दिया था इसलिए उसे पार्टी का लालच देकर कहा कि उन्होंने रशियन डांसर बुलाई हैं. जिसके बाद सचिन को बुलाकर उसकी हत्या कर दी गई. हत्यारोपियों की योजना यमुना में लाश फेंकनी की थी लेकिन सबूत मिलने के डर से उन्होंने लाश को कोरोना मरीज बताकर चुपचाप जला दिया. फोरेंसिक टीम को हत्यारोपियों के बाल, फुट और फिंगर प्रिंट, सचिन का एटीएम कार्ड, शराब की खाली बोतल और गिलास आदि सामान मिला था.

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एसटीएफ के इंस्पेक्टर उदय प्रताप सिंह ने बताया कि हत्यारोपियों ने पुलिस को घुमाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी. सर्विलांस से सही समय पर कुछ सुराग मिल गए. एसटीएफ ने उनकी पुष्टि में जुटी तो वारदात खुल गई. हत्याकांड में शामिल सुमित आसवानी और हर्ष चौहान बेहद शातिर हैं. पिछले करीब एक महीने से सुमित और हर्ष यह योजना बना रहे थे कि सचिन चौहान को ठिकाने लगाना है. इंस्पेक्टर न्यू आगरा भूपेंद्र बालियान इस मुकदमे की विवेचना कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि सचिन का मोबाइल अभी बरामद नहीं हुआ है. मनोज बंसल मोबाइल लेकर कानपुर की तरफ गया था. उसे रिमांड पर लिया जाएगा. उसके बाद मोबाइल बरामद किया जाएगा. इस केस में सभी आरोपित पकड़े जा चुके हैं. पुलिस ठोस साक्ष्यों के आधार पर जल्द चार्जशीट लगाएगी।

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