यूपी चुनाव: पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय को बीजेपी ने सादाबाद से दिया टिकट, RLD मुश्किल में !

Ankul Kaushik, Last updated: Fri, 21st Jan 2022, 7:36 PM IST
  • बसपा छोड़ बीजेपी में आने वाले यूपी के पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय को उनकी कर्मभूमि और जन्मभूमि सादाबाद से ही भारतीय जनता पार्टी ने यूपी विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया है. रामवीर उपाध्याय को बीजेपी ने टिकट देकर सादाबाद विधानसभा पर बड़ा दांव खेला है और इससे रालोद को नुकसान भी हो सकता है.
रामवीर उपाध्याय, फोटो क्रेडिट (फेसबुक)

आगरा. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने आज शुक्रवार को अपने 85 उम्मीदावरों की लिस्ट जारी कर दी है. इस लिस्ट में बीजेपी ने हाल ही में बसपा छोड़ कर आए पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय को भी टिकट दिया है. रामवीर उपाध्याय को बीजेपी ने उनकी कर्मभूमि और जन्मभूमि हाथरस जिले की सादाबाद सीट से चुनावी मैदान में उतारा है. सादाबाद विधानसभा से रामवीर को टिकट मिलने से साफ लग रहा है कि अब रालोद के लिए काफी मुश्किलें होंगी. क्योंकि सादाबाद विधानसभा सीट से रालोद के प्रत्याशी प्रदीप चौधरी गुड्डू रामवीर के आगे छोटे नेता हैं. इस क्षेत्र में जहां ब्राह्मण हैं वहीं जाट वोट भी काफी हैं. इसलिए सादाबाद सीट पर दिलचस्प मुकाबला होगा, क्योंकि पहले से इस सीट पर रामवीर उपाध्याय का दबदबा रहा है.

रामवीर उपाध्याय लगातार चार बार से बसपा के टिकट पर विधायक रहे हैं. माना जाता है कि बसपा सरकार में ऊर्जा मंत्री रहते हुए उन्होंने सादाबाद क्षेत्र के लोगों के लिए काफी काम भी किया है. इतना ही नहीं इसके साथ ही वहां के लोगों में रामवीर उपाध्याय के लिए खास जगह है इसलिए मोदी लहर में भी उन्होंने सादाबाद विधानसभा से बसपा के टिकट पर साल 2017 में जीत दर्ज की थी. रामवीर को सादाबाद क्षेत्र में ब्राह्मण चेहरा के तौर पर जाना जाता है और इसलिए माना जा रहा है कि वह इस बार रालोद को सीधे टक्कर देंगे.

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अगर सादाबाद विधानसभा के आंकड़ों की बात करें तो इस सीट पर बीजेपी ने साल 1996 में जीत दर्ज की थी. इसके बाद ये सीट 14 और 15वें विधानसभा चुनाव में रालोद के खाते में रही फिर इस सीट पर सपा के देवेंद्र अग्रवाल ने साल 2012 में जीत हासिल की थी. इसके बाद साल 2017 में रामवीर उपाध्याय में ने बसपा के टिकट पर जीत हासिल की थी.

 

 

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