UP धर्मांतरण: हिंदू बनकर पूर्व IAS की बेटी को फंसाने वाले आरिफ पर लगा SC/ST एक्ट

Smart News Team, Last updated: Thu, 8th Jul 2021, 10:04 AM IST
पूर्व आईएएस की बेटी को फंसाने वाला जेल में बंद आरिफ हाशमी के खिलाफ पुलिस ने मुकदमे में एससी-एसटी एक्ट की धारा बढ़ा दी है. ऐसा पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर किया है. 
UP धर्मांतरण: हिंदू बनकर पूर्व IAS की बेटी को फंसाने वाले आरिफ पर लगा SC/ST एक्ट

आगरा. पूर्व आईएएस की बेटी को फंसाने वाला आरिफ हाशमी पर पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में एससी-एसटी एक्ट की धारा बढ़ा दी है. आरिफ बड़े घरों की महिला का धर्मांतरण करवाना, लूट और जानवेला हमले करने के आरोप में जेल में बंद है. 

केस की विवेचना सीओ सदर राजीव कुमार करेंगे. एससी-एसटी एक्ट की विवेचना डिप्टी स्तर के अधिकारी ही कर सकते हैं.  सदर थाने में पूर्व आईएएस की बेटी ने ही आरिफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था.  पीड़िता को ताल कटोरा में लखनऊ के राजाजी पुरम निवासी आरिफ हाशमी ने अपनी पहचान छुपाकर फंसाया था. अपना नाम उसने आदित्य आर्य बताया था. 

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पिछले दस साल से आरिफ आईएएस की बेटी का उत्पीड़न कर रहा था. पीड़िता को जानवर की तरह पीटा करता और हत्या का डर दिखाकर पैसे वसूला करता था. मानसिक, शारीरिक और आर्थिक शोषण किया करता था.  पीड़िता ने काफी हिम्मत करके पुलिस में शिकायत की. पुलिस ने इसके बाद तहरीर के आधार पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था. जिसके बाद से आरिफ हाशमी जेल में है. 

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पीड़िता ने कोर्ट में दिए अपने बयानों का एफआईआर का समर्थन किया था. आईएएस की बेटी के अनुसूचित जाति का होने की वजह से ही मुकदमे में एससी-एसटी एक्ट की धारा बढ़ाई है. बता दें कि पीड़िता के पास आरिफ के खिलाफ कई सबूत है. आरोपित ने एक बार पूर्व आईएएस की बेटी के सिर के बाल पकड़कर उखाड़ लिए थे, जिसका का फोटो पीड़िता के पास है. पुलिस के पास भी कई फोटो और वीडियो है. एक तस्वीर में तो आरिफ दो युवतियों के साथ आपत्तिजनक स्थिति में है.

आरिफ के खिलाफ और भी केस दर्ज हो सकते हैं. इसके लिए पुलिस ने सबूत जुटाना शुरू कर दिया है. पुलिस को आरोपित आरिफ के मोबाइल में एक लैटर मिला था. लैटर में सपा सरकार में उसे कोई पद दिया गया था. पुलिस यह पता लगा रही है कि लैटर असली है या फर्जी. उसके प्रमाण मिलने पर आरोपित के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा के तहत एक और मुकदमा दर्ज हो सकता है. इंस्पेक्टर सदर अजय कौशल ने बताया कि आरोपित का मोबाइल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा. 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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