आगरा: दिन रात मेहनत कर जुटाया था बेटी की शादी का सामान, राशन के साथ बहा बाढ़ में

Smart News Team, Last updated: Thu, 12th Aug 2021, 12:39 PM IST
  • उत्तर प्रदेश के आगरा में चंबल नदी का पानी खतरे के निशान से बढ़ने के कारण 11 गांव जलमग्न हो गए. जबकि 36 गांव में बाढ़ का खतरा बन गया. गांव वाले बाढ़ से काफी परेशान है.
चंबल नदी का पानी बढ़ने से कई गांव बाढ़ में समा गए हैं. (प्रतिकात्मक छवि)

आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में चंबल नदी का उफान थमने का नाम नहीं ले रही है. जिससे ग्रामीण काफी परेशान है. कारण है कि उफान बढ़ने से इलाके में बाढ़ की स्थिति बन गई है. आगरा के भगवानपुर की निवासी मिठौली देवी ने बड़ी ही मुश्किल से दिन रात मेहनत कर अपनी दो बेटियों की शादी का सामान जुटाया था. पर, बाढ़ में सब बह गया.

दरअसल, 2 अगस्त को आगरा में चंबल नदी का पानी खतरे के निशान से 5.80 मीटर ऊपर चला गया था. जिससे आसपास के 14 गावों में बाढ़ आ गई थी. वही 36 गांव में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा था. गांव वाले किसी ऊंचे इलाके पर जाने को मजबूर हो गए. जब पानी का लेवल घटा और गांव वाले जब अपने घर वापस लौटे तो मंजर देखकर उनके आंसू नहीं रुक रहे थे. भगवानपुर निवासी मिठौली देवी ने अपनी दो बेटी प्रीति और सविता की शादी के लिए जो सामान जुटाया था वह पानी में बह गया. इसके अलावा उनके घर का सारा राशन भी बाढ़ अपने साथ ले गयी. मिठौली देवी ने बताया कि बाढ़ के कारण उनके घर का दीवार भी दरक गया है. उन्होंने कहा कि 2 साल पहले भी बाढ़ आई थी और उसमें भी उनका घर तबाह हो गया था लेकिन उस प्राकृतिक आपदा का अब तक उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला है.

कानपुर में मेट्रो पिलर निर्माण कार्य पूर्ण, नवंबर तक होगा ट्रायल रन

जानकारी के मुताबिक भगवानपुर इलाके में करीब दर्जन भर घरों में दरार पड़ गई है. सड़कों पर कीचड़ और दलदल जमा हो गया है. गांव वालों का कहना है कि गंदे पानी की दुर्गंध से उनका जीना दूभर हो चुका है. इसके अलावा बाढ़ की वजह से कई घरों में बच्चे और महिलाएं बुखार जुकाम और खांसी से पीड़ित है.

आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में चंबल नदी का उफान थमने का नाम नहीं ले रही है. जिससे ग्रामीण काफी परेशान है. कारण है कि उफान बढ़ने से इलाके में बाढ़ की स्थिति बन गई है. आगरा के भगवानपुर की निवासी मिठौली देवी ने बड़ी ही मुश्किल से दिन रात मेहनत कर अपनी दो बेटियों की शादी का सामान जुटाया था. पर, बाढ़ में सब बह गया.

दरअसल, 2 अगस्त को आगरा में चंबल नदी का पानी खतरे के निशान से 5.80 मीटर ऊपर चला गया था. जिससे आसपास के 14 गावों में बाढ़ आ गई थी. वही 36 गांव में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा था. गांव वाले किसी ऊंचे इलाके पर जाने को मजबूर हो गए. जब पानी का लेवल घटा और गांव वाले जब अपने घर वापस लौटे तो मंजर देखकर उनके आंसू नहीं रुक रहे थे. भगवानपुर निवासी मिठौली देवी ने अपनी दो बेटी प्रीति और सविता की शादी के लिए जो सामान जुटाया था वह पानी में बह गया. इसके अलावा उनके घर का सारा राशन भी बाढ़ अपने साथ ले गयी. मिठौली देवी ने बताया कि बाढ़ के कारण उनके घर का दीवार भी दरक गया है. उन्होंने कहा कि 2 साल पहले भी बाढ़ आई थी और उसमें भी उनका घर तबाह हो गया था लेकिन उस प्राकृतिक आपदा का अब तक उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला है.

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जानकारी के मुताबिक भगवानपुर इलाके में करीब दर्जन भर घरों में दरार पड़ गई है. सड़कों पर कीचड़ और दलदल जमा हो गया है. गांव वालों का कहना है कि गंदे पानी की दुर्गंध से उनका जीना दूभर हो चुका है. इसके अलावा बाढ़ की वजह से कई घरों में बच्चे और महिलाएं बुखार जुकाम और खांसी से पीड़ित है.

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