Plane Crash: 30 साल में पहली बार 4 बहनों ने बांधी थी विंग कमांडर पृथ्वी सिंह को राखी

Shubham Bajpai, Last updated: Thu, 9th Dec 2021, 9:28 AM IST
  • आगरा के रहने वाले विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान की कोयंबटूर में हुए मिग-17 प्लेन क्रेश में मौत हो गई. वो सीडीएस विपिन रावत के साथ ही थे. चार बहनों में इकलौते बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मानो आसमान टूट पड़ा. मां की हालत बिगड़ गई और पिता का रो रोकर बुरा हाल है.
तीन दशक में पहली बार बार 4 बहनों ने बांधी थी विंग कमांडर पृथ्वी सिंह को राखी

आगरा. सीडीएस विपिन रावत के प्लेन क्रेश में आगरा के विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान भी हमारे बीच नहीं रहे. 4 बहनों में इकलौते भाई पृथ्वी सिंह की मौत की खबर से घर में ही नहीं बल्कि पूरे परिवार और आस पड़ोस में कोहराम मचा हुआ है. विंग कमांडर करीब 30 साल बाद ऐसा हुआ था जब अपने पूरे परिवार के साथ घर में थे और रक्षाबंधन मनाया. इससे पहले स्कूल और ट्रेनिंग के चलते 30 सालों से रक्षाबंधन में एक साथ शामिल नहीं हुआ. लेकिन किसे पता था कि ये पृथ्वी सिंह का लास्ट रक्षाबंधन होगा. उनकी मौत की खबर से उनकी चारों बहनों का बुरा हाल है. सरन नगर स्थित उनके घर पर लोगों का तांता लगा हुआ. बहनों ने बताया कि सराहनपुर से भाई का ट्रांसफर कोयंबटूर में हुआ था. ज्वाइनिंग से पहले वो छुट्टी पर घर आया था. इस दौरान उसकी पत्नी और दोनों बच्चे भी थे.

बड़ी बहन से किया फोन पापा सब खत्म हो गया

बेटे की मौत की खबर बड़ी बहन ने दी. वो मुंबई में रहती है. उसने पृथ्वी की पत्नी को फोन किया. जो रोने लगी थी और उसने बताया कि पृथ्वी की मौत हो गई. जिसके बाद बेटी ने घर में पिता को फोन कर बताया कि सब कुछ खत्म हो गया. भाई नहीं रहा, ये सुनकर मानो पिता के पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई.

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बीटा ब्रेड के नाम से करते थे व्यापार

पिता ने बताया कि पूरा परिवार कई पीढ़ियों से बीटा ब्रेड के नाम से व्यापार कर रहा है, सिर्फ टिंकू जो पृथ्वी के घर का नाम था. उसको शुरुआत से सेना में जानने का जूनून था. वो हमेशा कहता था कि वोस सेना में जाएगा. टिंकू के दादा हमेशा कहते थे कि वो परिवार को अलग पहचान देगा. उसने कभी व्यापार में रूचि नहीं दिखाई. पहले सैनिक स्कूल बाद में एनडीए. शुरुआत से उसका लक्ष्य तय था.

कोई मेरे टिंकू को वापस ला दो

बेटे की मौत की खबर ने मानो मां को तोड़ दिया. मां रो रोकर कह रही है कि कोई मेरे टिंकू को वापस ला दो. उसका बुरा हाल हो गया है. बेटियों समेत परिवार उनको संभालने की कोशिश कर रहा है. लेकिन उनकी हालत ज्यादा खराब है. चाचा यशपाल सिंह ने बताया कि बेटा भले ही उनसे दूर रहता था लेकिन रोज बातचीत होती थी. वह सभी की जान था और हम सबको उस पर गर्व था. पिता के कारोबार को छोड़ उसने देश की सेवा को सर्वोपरि माना.

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मुख्यालय से आया फोन हुआ हादसा

विंग कमांडर के पिता ने खुद को संभालते हुए बताया कि उनको एयरफोर्स मुख्यालय से फोन आया कि उनके बेटे का हेलीकॉप्टर हादसे में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. उन्होंने बेटे की निधन की खबर नहीं दी थी. देर शाम जब पुष्टि हुई कि अब बेटा छोड़ कर चला गया, तब से मानो सब कुछ छीन गया हो. चार बहनों में अकेला था पृथ्वी. बचपन में टीवी में फौज के एक सीरियल को देखकर हमेशा कहता था कि मुझे भी पायलट बनना है.

 

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