आगरा

आगरा: 100 मीटर की दूरी पर गंगाजल फिर भी पानी को तरसते प्यासे लोग, ये कैसी मजबूरी

Smart News Team, Last updated: 26/06/2020 10:49 AM IST
  • सरकार हर घर को कनेक्शन की योजना पर काम कर रही है लेकिन आगरा के सुल्तानगंज की पुलिया क्षेत्र में अभी भी ऐसे ही बस्ती हैं जहां से महज 100 मीटर की दूरी पर गंगाजल की लाइन जा रही है लेकिन जलकल विभाग ने बस्तियों में कनेक्शन नहीं किए हैं।
आगरा के शहीद नगर में प्रदर्शन करते हुए गंदे पानी को दिखाती एक बूढ़ी महिला।

सरकार हर घर को कनेक्शन की योजना पर काम कर रही है लेकिन आगरा के सुल्तानगंज की पुलिया क्षेत्र में अभी भी ऐसे ही बस्ती हैं जहां से महज 100 मीटर की दूरी पर गंगाजल की लाइन जा रही है लेकिन जलकल विभाग ने बस्तियों में कनेक्शन नहीं किए हैं। हजारों की आबादी अभी भी सरकारी सबमर्सिबल पंप का खारी पानी पीने को मजबूर है। वहीं से कुछ ही कदम की दूरी पर हजारों लीटर पानी नालियों में बह रहा है।

जीवनी मंडी वाटर वर्क्स करीब 100 वर्ष पुराना है। इस वाटर वर्क्स से करीब आधे शहर को पानी की आपूर्ति की जाती है। सरकार की योजना है कि पानी के कनेक्शन हर घर तक पहुंचाए जाएं लेकिन कैसी विडंबना है कि महज 100 कदम की दूरी (विजय नगर) तक गंगाजल के कनेक्शन हैं लेकिन इन बस्तियों में पानी की लाइन तक नहीं है। जबकि विजय नगर में हजारों लीटर पानी हर रोज लीकेज की वजह से बर्बाद हो जाता है।

 क्षेत्रीय निवासी किरन का कहना है कि अधिकारियों से लेकर पार्षद तक सभी से कह दिया लेकिन उनकी गली में पानी की व्यवस्था नहीं हुई है। सुबह और शाम तो यहां मेले जैसा नजारा होता है। खाली बर्तन लिए लोग अपनी बारी के इंतजार में खड़े रहते हैं। रामवती कहती हैं कि पानी की जरूरत पूरी करने के लिए बच्चों तक को लाइन में लगना पड़ता है।

लोहे की चादर गला दे हड्डियां क्या चीज हैं

गलियों के बाहर लगी सरकारी सबमर्सिबल पंपों से लोग पानी भरते हैं। दुख इस बात का है कि यह पानी पीने योग्य नहीं है। शहर का भूजल खारी और फ्लोराइड युक्त है। दिलाबर सिंह कहते हैं कि पानी में इतना नमक है कि लोहे की चादर भी एक वर्ष में ही गल जाती है। कूलर की बाडी हर वर्ष बदलवानी पड़ती है इसलिए लकड़ी का कूलर लिया है। रामवीर ने कहा कि इस पानी को किसी बर्तन में यदि दो तीन दिन रख दें तो बर्तन के अंदर की रंगत बदल जाती है।

न हैंडपंप लग सकता है, न सबमर्सिबल

सुल्तानगंज की पुलिया, नगला किशन लाल सहित कई गलियां हैं जहां वाटर वर्क्स का पानी नहीं जा रहा है। कई गलियां तो ऐसी हैं जहां हैंडपंप नहीं लग सकता है। सबमर्सिबल पंप तो किसी हालात में नहीं लग सकती है। दरअसल वहां की गलियां इतनी संकरी हैं कि बोरिंग ही नहीं हो पाएगी। यदि जलकल विभाग यहां लाइन बिछा दे तो समस्या नहीं आएगी।

कॉलोनियों में पानी का संकट

केदार नगर पानी की टंकी पर खराब हुई पंप की वजह से शंकरगढ़ की पुलिया और आसपास की कॉलोनियों में पानी का संकट था। चार दिन बाद जलकल विभाग ने पंप को ठीक कर गुरुवार को चलाया है, तब जाकर शाम को आपूर्ति में सुधार हुआ है। उधर, आवास विकास कॉलोनी सेक्टर दो में अंडरग्राउंड टैंक की खुदाई के दौरान टूटी लाइन की वजह से दो दिन पानी की किल्लत रही। बुधवार रात को पानी आया था उसके बाद सप्लाई बंद हो गई थी। गुरुवार सुबह आपूर्ति सामान्य हो पाई।

अन्य खबरें