प्रसव पीड़ा से कराह रही थी महिला, बेहोश होने के बाद अस्पताल ने किया एडमिट

Smart News Team, Last updated: Wed, 14th Oct 2020, 1:59 PM IST
  • आगरा के स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव पीड़ा से गर्भवती कराहती रही, लेकिन उसे डेढ़ घंटे तक भर्ती नहीं किया. हैरान करने वाली बात तो यह है कि गर्भवती के बेहोश हो जाने के बाद अस्पताल के स्टाफ ने उसे भर्ती किया.
आगरा के खंदौली में अस्पताल वालों की लापरवाही का मामला आया सामने

आगरा: आगरा के खंदौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अस्पताल वालों की लापरवाही का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव पीड़ा से गर्भवती कराहती रही, लेकिन उसे डेढ़ घंटे तक भर्ती नहीं किया. हैरान करने वाली बात तो यह है कि गर्भवती के बेहोश हो जाने के बाद अस्पताल के स्टाफ ने उसे भर्ती किया और प्रसव कराने के बाद आठ घंटों बाद ही डिस्चार्ज कर दिया.

आगरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में यह घटना अशोक नगर टेढ़ी बगिया निवासी प्रवेश कुमार की पत्नी करिश्मा के साथ हुई है, जिसकी उम्र महज 24 है. उसको प्रसव पीड़ा होने पर आशा सोमवार को खंदौली सीएचसी लेकर पहुंची. वहीं, महिला के पति ने कहा कि वह करीब 11 बजे पत्नी को लेकर पहुंच गया. पति ने बताया कि प्रसव पीड़ा होने पर स्टाफ नर्स से महिला को भर्ती कराने को कहा तो उन्होंने कहा कि बेंच पर बैठा लो अभी डॉक्टर साहब देखेंगे. महिला के पति प्रवेश ने बताया कि वह करीब दो-तीन बार स्टाफ नर्स के पास गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई.

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महिला को दर्द में देख जब उसके पति ने हंगामा किया तो नर्स ने कोरोना वायरस की जांच रिपोर्ट मांगी, आशा और पति ने बताया कि उसकी जांच हो चुकी है लेकिन बड़ी बेटी ने पर्चा फाड़ दिया है. इस पर नर्स ने महिला को बाहर ले जाने और उसकी जांच करवाने के निर्देश दिये. जैसे ही महिला को जांच के लिए ले जाया गया तो वह बेहोश हो गई. ऐसे में आशा और और महिला का पति अस्पताल के स्टाफ पर भड़के नजर आए. इसके बाद स्टाफ ने महिला को भर्ती किया और महिला ने बच्ची को जन्म दिया. इसके साथ ही करिश्मा के पति ने आरोप लगाया है कि प्रसव के बाद रात आठ बजे ही उसे डिस्चार्ज कर दिया गया और कोरे कागज पर हस्ताक्षर करा लिए. वहीं, सीएचसी प्रभारी डॉ. उपेंद्र सिंह लापरवाही के आरोप को गलत बताया है.

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