कानपुर में बर्ड फ्लू से मरे 75 पक्षी, चमगादड़ और उल्लू भी बीमारी से प्रभावित

Smart News Team, Last updated: Thu, 5th Aug 2021, 2:43 PM IST
  • कानपुर में भी बर्ड फ्लू का कहर देखने को मिला. बीते सोमवार को नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में कुल मिलाकर करीब 75 पक्षी मृत पाए गए. बताया जा रहा है कि शहर में 51 कौवे और 9 कबूतर मृत पाए गए.
कानपुर में भी बर्ड फ्लू का कहर देखने को मिला

कानपुर. बर्ड फ्लू का कहर धीरे-धीरे उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में ही फैलता जा रहा है. कानपुर में भी बर्ड फ्लू का कहर देखने को मिला. बीते सोमवार को नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में कुल मिलाकर करीब 75 पक्षी मृत पाए गए. बताया जा रहा है कि शहर में 51 कौवे और 9 कबूतर मृत पाए गए. मृत पाए गए पक्षियों के रैंड सैंपल भी जांच के लिए इकट्ठे किये जा रहे हैं. कानपुर के बिल्हौर, चौबेपुर, भीतरगांव में भी पक्षी मरे हुए मिले.

बर्ड फ्लू से मरे हुए चार कौवों और 2 कबूतरं के सैंपर बरेली भेजे गए हैं. वहीं, बाकी मृत पाए गए पक्षियों को जला दिया गया है. इससे इतर कानपुर के चिड़ियाघर में भी मृत पाए गए जंलगी मुर्गों में बीते शनिवार को बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है. बर्ड फ्लू का यह कहर चमगादड़ों और उल्लुओं पर भी देखने को मिल रहा है. मंधना के संडीला स्थित एक मंदिर के परिसर में उल्लू मृत अवस्था में पाया गया. वहीं, रावतपुर स्थित गीता नगर क्रॉसिंग पर एक चमगादर मृत अवस्था में मिला.

बर्ड फ्लू के कहर को देखते हुए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर आर पी मिश्र ने कहा कि शहर में पक्षी मृत मि रहे हैं. ऐसे में सूचना पाते ही पशुविभाग की टीम पहुंचकर उन्हें अपने कब्जे में ले रही है, साथ ही दवा का भी छिड़काव कराया जा रहा है. इससे किसी को भी बर्ड फ्लू का डर नहीं रहेगा. साथ ही टीम भी पूरी तरह से अलर्ट रहेगी. बताया जा रहा है कि कानपुर चिड़ियाघर में सर्दियों के मौसम में अलग-अलगदेशों से पक्षी झील क्षेत्र में आए हैं. ऐसे में चिड़ियाघर की टीम ने झील किनारे पहुंचकर उनके मल का सैंपल लिया.

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