आगरा में बड़े परिवारों की बहुएं सबसे ज़्यादा करती हैं अपनी सासों का उत्पीड़न

Smart News Team, Last updated: 31/08/2020 06:34 PM IST
  • आगरा के महिला थानों में पिछले दो महीनों के दौरान 25 केस दर्ज हुए हैं जिसमें बड़े परिवारों की बहुओं द्वारा सास का उत्पीड़न किया जा रहा है. ये महिलाएं ऐसी हैं जिनका उनकी बहुएं काफी समय से उत्पीड़न कर रहीं हैं और इनमें से कुछ सास तो वृद्धाश्रम भी जा चुकी हैं.
आगरा के महिला थानों में सासों के उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज हो रही है

आगरा. आगरा के महिला थाना में ऐसे केस आ रहे हैं जिनको सुनकर आप चौंक जाएंगे. पहले आगरा के थानों में सास द्वारा उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज होती थीं लेकिन अब बहुओं द्वारा सास के उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज हो रही हैं. आगरा के महिला थाना और आशा ज्योति केंद्र में सासें बहुओं के खिलाफ शिकायतें दर्ज कर अपने दर्द को बयां कर रही है. आपको कुछ केसों के बारे में बताते हैं जो अभी हाल ही में महिला थाने में दर्ज हुए हैं.

केस-1 आगरा के महिला थाने में एक बहू के खिलाफ केस दर्ज हुआ. दरअसल, कमला नगर के करोड़पति दंपति को उनकी बहू ने इलेक्ट्रिक शॉक लगवा कर पागल करार दे दिया. इसके बाद दोनों को रामलाल वृद्धाश्रम भेज दिया. बाद में पति की मौत हो जाने के बाद महिला को उनका बेटा अपने घर लेकर आ गया. लेकिन बहू ने उनसे फिर मारपीट शुरू कर दी, जिससे मजबूर होकर सास को अपनी बहू के खिलाफ महिला थाने में रिपोर्ट दर्ज करवानी पड़ी.

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केस -2 आगरा के महिला थाना में एक ऐसा मामला आया जिसमें शाहगंज की रहने वाली एक महिला के पति की पांच साल पहले मौत हो चुकी है. इसके बाद महिला को पति की पेंशन मिलने लगी. महिला के तीन बेटे हैं. जिनमें वह पेंशन से मिलने वाली राशि को तीनों बेटों में बराबर बांट देती थी. लेकिन बहुएं पेंशन अपने हाथ में चाहती थीं. ऐसे में बहुओं ने सास को अलग रहने का फरमान सुना दिया. लेकिन महिला के पास दूसरा रहने का कोई ठिकाना नहीं था. इसलिए उन्हें महिला थाने में अपने लिए गुहार लगानी पड़ी.

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पुलिस का कहना है कि पिछले 2 महीनों में ऐसी 25 शिकायतें आ चुकी हैं. यदि हम पिछले 5 साल में सासों की शिकायतों ता अध्ययन करें तो पूरे साल में 10-12 केस ही आ रहे थे. इस मामले में बहुएं सास से आगे निकली. चौंकाने वाला मामला यह है कि जब इन मामलों की जांच पड़ताल की जा रही हैं तो मामले सही पाये जा रहे हैं. यहां पर गौर करने वाली बात यह है कि यदि शिकायत के स्तर को देखेंगे तो यह उच्च वर्ग से संबंधित है. जिन सासों ने शिकायत दर्ज कराई हैं वह वर्षों से उत्पीड़न सह रही थीं. इनमें से कुछ तो वृद्धाश्रम भी जा चुकी हैं. लेकिन अब मजबूरीवश उनको शिकायत दर्ज करवानी पड़ रही हैं.

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यदि शहर के आशा ज्योति केंद्र की बात करें तो यहां लॉकडाउन से लेकर अब तक 35 शिकायतें आ चुकी हैं. जिनमें से 15 महिलाओं की काउंसलिंग कर उनको घर में अच्छे से रखने की सलाह भी दी जा चुकी हैं.रामलाल वृद्ध आश्रम में भी पिछले दिनों बेघर कर दी गई 145 सासें रहने पहुंची हैं. वहीं फैमिली कोर्ट में इस तरह के 20 केस चल रहे हैं.

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