गुरुद्वारा गुरु का ताल में 9 दिनों तक बंदी रहे थे सिखों के नौवें गुरू तेग बहादुर

Smart News Team, Last updated: Wed, 14th Jul 2021, 1:29 PM IST
  • गुरुद्वारा गुरु का ताल, जो कि आगरा के बाहरी इलाके में बालुचपुरा स्टेशन और सिकंदरा के पास स्थित है। कहा जाता है कि इस गुरुद्वारे में जो भी दर्शन के लिए आता है, उसके सारे दुख-दर्द दूर हो जाते हैं.
गुरुद्वारा गुरु का ताल 1970 में संत बाबा साधू सिंह जी मुनी ने करवाया था. (Photo Credit: Gurudwaragurukataal site)

आगरा में घूमने की यूं तो कई जगह है जो पर्यटकों का मन मोह लेती हैं, लेकिन कुछ जगहें ऐसी भी हैं जो लोगों के दुखों को भी पूरी तरह से दूर कर देती है. ऐसी ही जगह है गुरुद्वारा गुरु का ताल, जो कि आगरा के बाहरी इलाके में बालुचपुरा स्टेशन और सिकंदरा के पास स्थित है. कहा जाता है कि इस गुरुद्वारे में जो भी दर्शन के लिए आता है, उसके सारे दुख-दर्द दूर हो जाते हैं. इसके अलावा गुरुद्वारे से जुड़ी एक मान्यता यह भी है कि यहीं गुरु तेग बहादुर के कदम पड़े थे. साथ ही इसी जगह पर सिख समुदाय के नौवें गुरु गुरु तेग बहादुर को नौ दिनों तक बंदी भी बनाकर रखा गया था. इस बात का सबूत यहां जल रही अखंड ज्योति से मिलता है.

गुरुद्वारा गुरु का ताल 1970 में संत बाबा साधू सिंह जी मुनी ने करवाया था. यहां एक ताल यानी जलाशय भी है, जिसका काफी ऐतिहासिक महत्व है. कहा जाता है कि इसी ताल में गुरु तेग बहादुर ने अपनी बाजुओं को रखा था और अपने आप को मुगल बादशाह औरंगजेब की सेना के हवाले कर दिया ता. इस ताल में पहले नक्काशीयुक्त 12 मीनारें थीं, पर समय के साथ-साथ अब यहां केवल 8 मीनारें ही बची हैं.

यह भी माना जाता है कि यहां एक ऐसी शक्ति है जिससे हर किसी की मनोकामना पूरी हो जाती है. (Photo Credit: Gurudwaragurukataal site)

गुरुद्वारा गुरु का ताल को लेकर यह भी माना जाता है कि यहां एक ऐसी शक्ति है जिससे हर किसी की मनोकामना पूरी हो जाती है. इसी विश्वास के साथ यहां हमेशा ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है. खास बात तो यह है कि इस गुरुद्वारे में 24 घंटे लंगर भी चलता रहता है, जिससे यहां आने वाला कोई भी इंसान खाली पेट नहीं लौट सकता है. इसके अलावा गुरुद्वारे में भोरा साहिब भी है जहां हमेशा ही पाठ होता रहता है. कहा जाता है कि इस पाठ में जो भी शामिल होता है या जो भी इसके दर्शन करता है उसके मन को तो तसल्ली मिलती ही है, साथ ही सारे कष्ट भी दूर हो जाते हैं.

खास बात तो यह है कि इस गुरुद्वारे में 24 घंटे लंगर भी चलता रहता है, जिससे यहां आने वाला कोई भी इंसान खाली पेट नहीं लौट सकता है. (Photo Credit: Gurudwaragurukataal site)

कैसे पहुंचें: गुरुद्वारा गुरु का ताल से आगरा कैंट रेलवे स्टेशन की दूरी 10 किलोमीटर है, ऐसे में पर्यटक यहां से निजी वाहन कर गुरुद्वारे तक पहुंच सकते हैं. वहीं नजदीकी एयरपोर्ट खेड़िया हवाई अड्डा है, जहां से निजी वाहन कर पर्यटक 25 मिनट में आसानी से गुरुद्वारा गुरु का ताल पहुंच सकते हैं.

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