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आगरा: कोरोना में डिजिटल हुईं शाादियां, लॉकडाउन में ऑनलाइन हुए 50 से ज्यादा निकाह

Smart News Team, Last updated: 12/06/2020 11:11 AM IST
  • आगरा में कोरोना संकट में लगे लॉकडाउन के दौरान 50 से ज्यादा निकाह ऑनलाइन हुए। इतना ही नहीं, कई जगहों पर तो काजियों ने भी ऑनलाइन पेमेंट लिया।
कोरोना काल में जमकर हुईं डिजिटल शादियां। (प्रतीकात्मक फोटो)

आगरा. कोरोना काल में शादियां भी डिजिटल हो गईं। कोविड 19 वायरस से बचाव के लिए ताजनगरी में 50 से मुस्लिम घरों में ऑनलाइन निकाह पढ़ाए गए। यहां तक की काजियों की भी ऑनलाइन ही पेमेंट भी की गई। ऑनलाइन ही दूल्हा दुल्हन ने एक दूसरे को देखकर कबूल है, कबूल है, कबूल हैं कहकर अपने निकाह पर मुहर लगाई।

आगरा के फतेहपुर सीकरी निवासी साजिद बेग के बड़े बेटे अफसर मुंबई में कपड़े के कारोबारी हैं। उनका निकाह दो साल पहले तय हुआ था। इसकी पूरी तैयारी भी थी। 25 मई को अफसर का निकाह गाजीपुर की रहने वाली सोनम से होना था। इस बीच लॉकडाउन हो गया और निकाह नहीं हो सका। फिर परिवारों ने काजी से रायशुमारी की और 1 जून निकाह की नई तारीख निकाली। दोनों परिवारों के लोगों ने ऑनलाइन काजी के सामने हाजिर होकर निकाहनामा पढ़वाया।

वहीं बोदला निवासी तारिक कुरैशी की पुत्री शाइना का निकाह जनवरी में बरेली के इब्राहिम से तय हुआ। इब्राहिम दवा का काम करते हैं। तारिक कुरैशी ने बताया कि शाइना की मां की तबियत ठीक न होने के कारण उन लोगों ने ऑनलाइन निकाह करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की वजह से वैसै भी निकाह में ज्यादा लोग शामिल नहीं हो पाते। निकाह की दूसरी रस्में कोरोना वायरस के पूरी तरह खत्म होने के बाद करेंगे। बेटी की विदाई भी तभी होगी।

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कई जोड़ों के लिए बहुत जरूरी था निकाह

मौलाना रियासत अली ने ऑनलाइन हो रहे निकाह के बारे में कहा कि कई लोगों की शादी बेहद जरुरी था क्योंकि ऐसे लोग थे जिनके बड़ी मुश्किल से रिश्ते हुए। लिहाजा ऑनलाइन निकाह पढ़ाने का ही फैसला ले लिया गया। दूसरी ओर शहर के काजी भी बदलते समय में डिजिटल हो गए। कोरोना कॉल में काजियों ने ऑनलाइन गूगल पे, पेटीएम समेत अन्य माध्यमों से अपनी फीस ली।

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