आगरा

खेल सामान के बाजार पर चीन का 60% कब्जा, चीनी सामान का बहिष्कार इतना आसान नहीं…

Smart News Team, Last updated: 27/06/2020 11:35 AM IST
  • लद्दाख में चीनी और भारतीय सेना के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद चीनी सामान के बहिष्कार की बात चल रही है। मगर खेल जगत में चीनी सामान का बहिष्कार इतना आसान नहीं होगा।
फाइल फोटो

लद्दाख में चीनी और भारतीय सेना के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद चीनी सामान के बहिष्कार की बात चल रही है। मगर खेल जगत में चीनी सामान का बहिष्कार इतना आसान नहीं होगा। खेल के बाजार पर चीन का 60 प्रतिशत तक कब्जा है। बास्केटबॉल, टेबल-टेनिस, बैडमिंटन, टेनिस, जिम उपकरण, साइकलिंग, फुटबॉल सहित ज्यादातर खेलों का सामान का आयात चीन से होता है। आपके अखबार हिन्दुस्तान ने खेल सामान बाजार की पड़ताल की तो सबकुछ सामने आ गया।

आगरा में खेल का सामान बेचने वाली तीन दर्जन से अधिक दुकानें हैं। इन सब पर चीन से आया सामान भरा पड़ा है। सदर बाजार, एमजी रोड, संजय प्लेस, राजपुर चुंगी, शास्त्रीपुरम आदि क्षेत्रों में स्थित दुकानों पर पहुंचने वाले ज्यादातर ग्राहक सस्ता चीनी सामान ही मांगते हैं। दूसरी तरफ कुछ खेलों का सामान तो सिर्फ चीन ही बनाता है। प्रिंस स्पोर्ट्स के जुगल गुप्ता बताते हैं कि खेल सामान बाजार में चीन के सामान का 60 प्रतिशत तक हिस्सा हो गया है। सबसे सस्ता सामान चीन से ही आता है। ग्राहक भी उसे ही पसंद करता है। मात्र 5 प्रतिशत ग्राहक ही ऐसे होते हैं तो महंगा सामान खरीद पाते हैं।

कुछ खेल सामानों पर पूरा कब्जा चीन का

प्रिंस स्पोर्ट्स के संचालक अतुल गुप्ता बताते हैं कि बास्केटबॉल, रोप स्किपिंग, बैडमिंटन एवं टेनिस रैकेट, नाइलॉन शटल कॉक, फुटबॉल, टेबल-टेनिस बॉल, साइकिलिंग हेलमेट, लॉन टेनिस बॉल, ट्यूनिंग ट्यूब, तीरंदाजी, सिंथेटिक फ्लोरिंग, स्विमिंग का सामान, स्कैटिंग खेल के सामान पर पूरी तरह चीन का कब्जा है।

भारतीय सामान की गुणवत्ता ठीक नहीं

रौनक स्पोर्ट्स के रौनक सलूजा कहते हैं कि भारतीय खेल कंपनियां उस क्वालिटी का सामान नहीं बना पाती जो चीन बना लेता है। क्रिकेट, हॉकी जैसे खेलों को छोड़कर बाकी भारतीय कंपनियां भी सामान का रॉ मेटेरियल चीन से ही आयात करती हैं। हेमंत सलूजा कहते हैं कि आजकल हर इंडोर खेल में सिंथेटिक फ्लोरिंग लग रही है। यह चीन से इतनी सस्ती पड़ती है कि किसी और देश इसका मुकाबला नहीं कर सकता।

प्रिंस स्पोर्ट्स के संचालक अतुल गुप्ता का कहना है कि खेल सामान बाजार पर चीन का पूरा कब्जा है। सस्ता व टिकाऊ सामान बनाने की वजह से चीन दुकानदारों की पहली पसंद है। चीन का बहिष्कार करने से पहले भारतीय कंपनियों को उसकी गुणवत्ता का सामान बनाना होगा।

आगरा जिला खो-खो संघ के सचिव शकील खान ने कहा कि भारतीय कंपनियों के सामान की गुणवत्ता अच्छी नहीं है। अच्छी गुणवत्ता चाहिए तो पैसा अधिक खर्च करना पड़ता है। चीन का सामान इस्तेमाल करना मजबूरी है।

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