जन्माष्टमी पर कृष्ण के श्रृंगार में न रहे कोई कमी, आज इन शुभ चीजों से बाल गोपाल को सजाएं

Pallawi Kumari, Last updated: Mon, 30th Aug 2021, 11:00 AM IST
  • आज श्रीकृष्ण के जन्मदिन का उल्लास चारों ओर देखने को मिल रहा है. कृष्ण के जन्मोत्सव पर उनका श्रृंगार किया जाता है. ऐसे में उनके श्रृंगार में कोई कमी ना रहें . इसलिए आज कान्हा के इस शुभ चीजों से उनका श्रृंगार करना ना भूलें.
बाल गोपाल का श्रृंगार. फोटो साभार-लाइव हिन्दुस्तान.

आज जन्माष्टमी को लेकर घर घर तैयारियां चल रही है. खूब पकवान बनाए जा रहे हैं और कृष्ण के पालकी से लेकर मंदिर को फूलों से सजाया जा रहा है. लेकिन सबसे जरूरी है कान्हा की सजावट. नन्हे बाल गोपाल की सजावट की में कोई कमी ना रह जाए. इसलिए ये बेहद जरूरी हो जाता है कि आज कान्हा के जन्मोत्सव पर उनका श्रृंगार उनकी प्रिय और शुभ चीजों से किया जाए. इसलिए आपको यहां हम बता रहें कि आज जन्माष्टमी के मौके किन इन शुभ चीजों से बाल गोपाल का श्रृंगार करना चाहिए.

कान्‍हा के वस्त्र- कान्‍हा को सुंदर रेशमी कपड़े पहनाए जाते हैं. उनके कपड़ों का रंग पीला, हरा या नारंगी होना चाहिए. क्यों कि ये चटक होते हैं.

बांसुरी- श्रीकृष्णजी को बांसुरी अतिप्रिय होती है. एक कथा के अनुसार भगवान शिव ने जब उन्हें पहली बार देखा तो कृष्ण को बांसुरी भेंट में दी थी.

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मोर मुकुट- भगवान कृष्ण को मुकुट पहनाएं जिसमें मोर पंख लगा हो. मोरपंख के बिना कान्हा का शृंगार अधूरा माना जाता है. इसलिए श्रीकृष्ण की मुकुट के साथ मोरपंख अवश्य लगाएं.

सुदर्शन चक्र- श्री कृष्ण को चक्रधारी भी कहा जाता है. महाभारत काल में सिर्फ उन्हीं के पास ही चक्र था, जिसे सुदर्शन चक्र कहा जाता है. क्योंकि कृष्ण चक्रधर विष्णुजी के ही अवतार हैं.

गदा- कृष्ण भगवान कौमौदकी गदा, नंदक खड्ग और जैत्र नामक रथ रखते थे, जिनके सारथी का नाम दारुक/ बाहुक था.

मणि - श्रीकृष्ण के मुकुट में कई मणियां जड़ी होती है. लेकिन विष्णुजी कौस्तुभ मणि धारण करते हैं.

पायल या पैजनियां- भगवान कृष्ण पैरों की पायल व पैंजनिया भी पहनते थे.इसलिए कान्हा का श्रृंगार करते समय पैरों में सुंदर पायल पहनाए जाते हैं.

शारंग धनुष- श्री कृष्ण के धनुष का नाम 'शारंग' था. मान्यता है कि वही सारंग है, जिसे कण्व की तपस्यास्थली के बांस से बनाया गया था. एक मान्यता यह भी है कि यह धनुष उन्हें खांडव-दहन के वक्त वरुणदेव ने दिया था.

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