आगरा के मनकामेश्वर मंदिर में भगवान शिव ने खुद की थी शिवलिंग की स्थापना

Smart News Team, Last updated: Sun, 1st Aug 2021, 12:07 AM IST
  • खास बात तो यह कि यहां पर शिवलिंग के पास केवल वही व्यक्ति जा सकता है, जिसने भारतीय वेशभूषा (धोती और कुर्ता) धारण कर रखा हो. यहां पर भक्त बाहर से भी शिवलिंग के दर्शन कर सकते हैं.
यहां पर भगवान शिव ने खुद शिवलिंग की स्थापना की थी. मान्यता है कि यहां पर आने वाले हर भक्त की मुरादें पूरी हो जाती हैं. (Credit: Agra Tourism Official Site)

आगरा यूं तो दुनिया के सात अजूबों में से एक 'ताजमहल' के लिए विश्व प्रसिद्ध है. लेकिन यहां पर मुग्लों द्वारा बनाई गईं इमारतों के अलावा भी कुछ ऐसी जगहें मौजूद हैं, जो ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण हैं. ऐसी ही एक जगह है, पुराने आगरा के रावतपाड़ा में स्थित मनकामेश्वर मंदिर. कहा जाता है कि यहां पर भगवान शिव ने खुद शिवलिंग की स्थापना की थी. मान्यता है कि यहां पर आने वाले हर भक्त की मुरादें पूरी हो जाती हैं. अकबर के किले के नजदीक स्थित मनकामेश्वर मंदिर का उल्लेख पुराणओं मे भी किया गया है.

भगवान शिव की यहां पर मनोकामना हुई थी पूरी: मंदिर को लेकर प्रचलित कथाओं के अनुसार मथुरा में श्रीकृष्ण के जन्म के बाद भगवान शिव उनके बाल रूप के दर्शन करने के लिए कैलाश से यहां पर आए थे. उन्होंने यहां पर एक रात बिताई थी. इस स्थान पर भगवान शिव ने प्रण लिया था कि यदि वह श्रीकृष्ण को अपनी गोद में खिला पाएं तो यहां पर लौटते समय शिवलिंग की स्थापना करेंगे.

अगली सुबह जब भस्म-भभूत और जटाधारी रूप में भगवान भोलेनाथ श्रीकृष्ण के दर्शन करने पहुंचे तो मां यशोदा उनका यह रूप देखकर डर गईं. (Credit: Agra Tourism Official Site)

लेकिन अगली सुबह जब भस्म-भभूत और जटाधारी रूप में भगवान भोलेनाथ श्रीकृष्ण के दर्शन करने पहुंचे तो मां यशोदा उनका यह रूप देखकर डर गईं. लेकिन बाद में श्रीकृष्ण ने लीला रचते हुए रोते-रोते शिव की तरफ इशारा किया. जिसके बाद यशोदा मां ने कान्हा को भगवान शिव की गोद में दे दिया. अपनी मनोकामना पूरी होने के बाद भगवना शिव ने आगरा में इस स्थान पर शिवलिंग की स्थापना की.

यहां पर चांदी से मढ़ी शिवलिंग का पूरा साज-श्रृंगार किया जाता है. यहां पर देसी घी की 11 अखंड जोत निरंतर जलती रहती हैं. खास बात तो यह कि यहां पर शिवलिंग के पास केवल वही व्यक्ति जा सकता है, जिसने भारतीय वेशभूषा (धोती और कुर्ता) धारण कर रखा हो. यहां पर भक्त बाहर से भी शिवलिंग के दर्शन कर सकते हैं. भक्त अपनी मनोकामनाएं पूरी होने के बाद यहां पर घी का दीपक जलाते हैं.

भक्त अपनी मनोकामनाएं पूरी होने के बाद यहां पर घी का दीपक जलाते हैं.(Credit: Agra Tourism Official Site)

कैसे पहुंचे: भारत के सभी प्रमुख शहरों से रेल, सड़क और हवाई मार्ग के जरिए आगरा जुड़ा है. मनकामेश्वर मंदिर के सबसे करीब आगरा कैंट रेलवे स्टेशन है, जिसकी दूरी करीब 6 किलोमीटर है. यहां से आप टैक्सी, ऑटो या फिर बस के जरिए मंदिर पहुंच सकते हैं. यह मंदिर लालकिला से एक और ताजमहल से साढ़े चार किलोमीटर दूर है.

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