आगरा की हवा में घुला सात गुना से ज्यादा धूल कण, एक्यूआई पहुंचा 384

Smart News Team, Last updated: Wed, 9th Dec 2020, 6:49 PM IST
  • आगरा की हवा दिन पर दिन और बदतर होती जा रही है. निर्माण कार्यों के कारण आगरा की हवा में प्रदूषण तत्व बड़ी मात्रा में घुलते ही जा रहे हैं. मंगलवार को आगरा की हवा को लेकर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने रिपोर्ट जारी की, जिसमें आगरा की हवा में एक्यूआई का स्तर करीब 384 दर्ज किया गया.
आगरा में फिर से बढ़ा प्रदूषण का स्तर

आगरा: आगरा की हवा दिन पर दिन और बदतर होती जा रही है. निर्माण कार्यों के कारण आगरा की हवा में प्रदूषण तत्व बड़ी मात्रा में घुलते ही जा रहे हैं. मंगलवार को आगरा की हवा को लेकर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने रिपोर्ट जारी की, जिसमें आगरा की हवा में एक्यूआई का स्तर करीब 384 दर्ज किया गया. जबकि बीते सोमवार को यह आंकड़ा 353 पर था. ऐसे में कहा जा सकता है कि आगरा की हवा दिन पर दिन और जहरीली होती जा रही है.

रिपोर्ट के मुताबिक आगरा की हवा में अति सूक्ष्म कणों की संख्या सात गुना से भी अधिक है. वहीं, देश के प्रदूषित शहरों की बात करें तो आगरा देश में जहां आठवें तो प्रदेश में सातवें नंबर पर रहा. आगरा में बीते मंगलवार को हवा में घुले अति सूक्ष्म कणों की अधिकतम मात्रा मानक 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से सात गुणा अधिक रही. इसके साथ ही हवा में कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा भई 45 गुना से अधिक दर्ज की गई.

आगरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर युवक की गोली मारकर हत्या, नाले में फेंका शव

बताया जा रहा है कि आगरा में लगातार आठवें दिन वायु गुणवत्ता बहुत खराब स्थिति में दर्ज की गई है. इस बारे में बात करते हुए सीपीसीबी के अधिकारी कमल कुमार ने बताया कि हवा की गति कम होने से प्रदूषक तत्व स्थित हो गये हैं, जिससे वायु की गुणवत्ता भी और ज्यादा खराब हो चुकी है. हालांकि, आगरा में तेज हवा चलने और बारिश से प्रदूषण से लोगों को राहत मिल सकती है. आगरा से इतर उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर कानपुर रहा, जहां एक्यूआई की मात्रा 426 दर्ज की गई.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें