शाहजहां के समय बनवाई गई आगरा की शहजादी मंडी, जानें आज किस नाम से जानते हैं लोग

Smart News Team, Last updated: Fri, 18th Dec 2020, 11:53 AM IST
  • शहजादी का नाम था जहांआरा जिसकी ख्वाहिश पर इस मंडी का निर्माण करवाया गया था. इनमें शहर के पुरूष और औरतों का आना तो मना था ही साथ में राजदरबार के लोगों के आने पर भी मनाही थी. इसमें केवल शहजादियां ही आ सकती थी. वह अपनी दैनिक जरूरतों का सामान यही से खरीदा करती थी.
शहजादियों के लिए बनाई गई थी शहजादी मंडी.(प्रतीकात्मक फोटो)

आगरा. मुगलों के जमाने में बादशाह शाहजहां के अपनी शहजादी के लिए मंडी बनवाई थी जिसका नाम आज भी शहजादी मंडी है. शाहजहां की बेटी और शहजादी जिसका नाम था जहांआरा था जिसकी ख्वाहिश पर इस मंडी का निर्माण करवाया गया था. इनमें शहर के पुरूष और औरतों का आना तो मना था ही साथ में राजदरबार के लोगों के आने पर भी मनाही थी. इसमें केवल शहजादियां ही आ सकती थी. वह अपनी दैनिक जरूरतों का सामान यही से खरीदा करती थी. 

इतिहासकार राज किशोर राजे के अनुसार इन शहजादी मंडी में केवल शहजादियां ही जा सकती थी. यहां तक की शाही परिवार के पुरुषों को भी इसमें प्रवेश की अनुमति नहीं थी. आम महिलाओं का वहां जाना भी वर्जित था. यह मंडी सिर्फ शहजादियों के लिए ही थी इसलिए यह मंडी कुछ मीना बाजार की तरह कहा जा सकता है. उस जमाने में दुकानदार भी केवल महिलाएं हुआ करती थी, लेकिन शाहजहां की मौत के बाद ये कानून बदल दिए गए और यहां पुरूष भी खरीददारी कर सकते थे.  

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गोपाल प्रसाद सिंघल जो कि यहां कपड़े का काम करते हैं और पिछले 45 सालों से यही काम कर रहे हैं उनका कहना है कि आजादी से पहले ही यहां कपड़े का व्यापार शुरू हो गया था. अब इस इलाके में कपड़ों की 100 दुकानें हैं. इस बाजार की बात करूं तो यह मुख्य रूप से दर्जी के काम के लिए जाना जाता है. इसमें दर्जी की 100 से ज्यादा दुकानें हैं जो की पूरे शहर की किसी ओर मार्किट से कहीं ज्यादा हैं.

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