ताज की खूबसूरती पर प्रदूषण लगा रहा है दाग, गुंबद पर हो रहा है धूल कणों का हमला

Smart News Team, Last updated: 12/10/2020 06:57 PM IST
  • ताजमहल की खूबसूरती में दिन पर दिन कमी आ रही है, जिसका मुख्य कारण निर्माण कार्य से होने वाला प्रदूषण है. ऐसे में लगातार ताजमहल के मुख्य गुंबद पर धूल के कणों का हमला हो रहा है.
बढ़ते प्रदूषण के कारण ताजमहल की खूबसूरती में दिन पर दिन कमी आ रही है.

आगरा. ताजमहल दुनिया के सातवें अजूबे में से एक है. दुनिया भर से लोग ताजमहल की खूबसूरती को निहारने के लिए आते हैं. लेकिन बढ़ते प्रदूषण के कारण ताजमहल की खूबसूरती में दिन पर दिन कमी आ रही है. दरअसल, ताजमहल से 500 मीटर की दूरी पर खोदाई और लगातार कूड़ा जलाने से जहरीली हवाओं का हमला लगातार ताजमहल पर हो रहा है. ऐसे में ताजमहल के मुख्य गुंबद पर धूलकण जमा हो रहे हैं.

बीते शुक्रवार को आगरा में वायु गुणवत्ता सूचकांक 262 पर रहा, लेकिन ताजमहल के पास स्थित पुरानी मंडी चौराहे पर यह सूचकांक अपने खतरनाक स्तर पर पहुंच गया, जो कि 499 था. हवाओं के कारण धूल के कण लगातार ताजमहल पर जम रहे हैं, जिससे उसके रंग में भी बदलाव आ रहा है.

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ताजमल के पश्चिमी गेट स्थित श्मशान घाट चौराहे पर जबरदस्त हरियाली के बावजूद एक्यूआई करीब 308 दर्ज किया गया. वहीं, अभी तक स्मार्ट सिटी निर्माण कार्यों के कारण लगातार उड़ रहे धूल के गुबार को नियंत्रित करने का कोई उपाय नहीं किया गया है.

आगरा में ताजमहल के नजदीक स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत नौ वार्ड और उससे सटे क्षेत्रों में पानी की पाइपलाइन, सीवर लाइन और सड़क निर्माण के लिए खुदाई का काम जारी है. वहीं, लगातार एक महीने से हो रही खुदाई के कारण ताजमहल का प्रदूषण स्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है. जहां दिसंबर और जनवरी के कोहरे से वायु प्रदूषण का स्तर 400 पहुंचता था, तो वहीं अब यह अक्टूबर में ही 500 जैसे खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है. जांच में पता चला है कि सबसे ज्यादा प्रदूषण पुरानी मंडी चौराहे पर है. ताजनगरी की जहरीली हवाओं में सबसे ज्यादा योगदान पर्टिकुलेट मैटर 2.5 माइक्रोग्राम का है, जिसके बेहद बारीक होने से हवा काफी प्रदूषित हो चुकी है.

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