कुंभ राशि में गोचर करेंगे शनि, इन 3 राशियों को मिलेगी साढ़े साती और ढैय्या से मुक्ति

Pallawi Kumari, Last updated: Wed, 16th Feb 2022, 5:04 PM IST
  • शनि देव ने जल्द ही मकर राशि से निकल कर कुंभ राशि में गोचर करने वाले हैं. शनि के राशि परिवर्तन से तीन राशियों को शनि के प्रकोप से  शनि साढ़े साती और शनि ढैय्या से मुक्ति मिलेगी. आइये जानते हैं कौन-कौन सी हैं वो राशियां.
शनि राशि परिवर्तन (फोटो-लाइव हिन्दुस्तान)

शनि देव ढाई साल में एक बार राशि परिवर्तन करते हैं. उनके एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करने में ढाई साल का समय लग जाता है. शनि ने 24 जनवरी 2020 को मकर राशि में गोचर किया था और वो फिलहाल इसी राशि में है. लेकिन इस साल शनि मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में गोचर करने वाले हैं. 29 अप्रैल 2022 को शनि कुंभ राशि नें गोचर करेंगे. शनि गोचर का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ता है. जो बुरे और अच्छे दोनों हो सकते हैं. 

लेकिन ज्योतिषों की माने तो शनि के इस गोचर से तीन राशि वालों को लाभ होगा और उन पर शनिदेव की कृपा बनी रहेगी. साथ ही इन तीन राशि वाले जातकों को शनि की साढ़े साते और शनि ढैय्या के प्रकोप से भी मुक्ति मिलेगी. आइये जानते हैं कौन है वो तीन राशियां.

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धनु, तुला और मकर राशि- मिथुन और तुला राशि पर अभी शनि की ढैय्या चल रही है. वहीं धनु राशि वालों पर शनि की साढ़े साती चल रही है. लेकिन 29 अप्रैल 2022 को जैसे ही शनि कुंभ राशि में गोचर करेंगे आपको इससे मुक्ति मिल जाएगी. हालांकि 12 जुलाई से शनि फिर से मकर राशि में गोचर करने लगेंगे जिस कारण जो राशियां शनि ढैय्या और शनि की साढ़े साते से मुक्त हुए हैं वो फिर से इसकी चपेट में आ जाएंगी. पू्र्ण रूप से आपको 17 जनवरी 2023 को मुक्ति मिलेगी. लेकिन अप्रैल से जुलाई तक आपको कुछ समय के लिए शनि ढैय्या और साढ़े साते से राहत मिलेगी.

आपको बता दें कि शनि एक साथ 5 राशियों पर प्रभाव डालते हैं, जिनमें तीन राशियों पर शनि साढ़े साती और 2 राशि पर शनि ढैय्या होती. शनि साढ़े साती की अवधि साढ़े सात साल और शनि ढैय्या की अवधि ढाई साल की होती है.

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