अब 25 नवंबर को देवउठनी एकादशी को जागेंगे देव, 147 दिन नहीं होंगे मांगलिक कार्य

Smart News Team, Last updated: 01/07/2020 04:56 PM IST
  • आज यानी बुधवार को देवशयनी एकादशी से 25 नवंबर देवउठनी एकादशी यानि 147 दिन तक भगवान विष्णु आराम करेंगे। इस दौरान भोलेनाथ, श्रीकृष्ण, गणेश, देवी की उपासना और अंत में महालक्ष्मी जी की पूजा-अर्चना के बाद देव प्रबोदनी एकादशी को देव उठेंगे।
क्षीर सागर में आराम करने चले गए भगवान विष्णु।

आज यानी बुधवार को देवशयनी एकादशी से 25 नवंबर देवउठनी एकादशी यानि 147 दिन तक भगवान विष्णु आराम करेंगे। इस दौरान भोलेनाथ, श्रीकृष्ण, गणेश, देवी की उपासना और अंत में महालक्ष्मी जी की पूजा-अर्चना के बाद देव प्रबोदनी एकादशी को देव उठेंगे। इस बीच जैन धर्म के साधु संत भी चार माह एक ही स्थान पर रहकर जैन तीर्थंकरों के वचनों का वाचन करेंगे। विष्णु भगवान के विश्राम करने तक विवाह इत्यादि कार्यों पर शुभ मुहूर्त के अभाव के कारण रोक लगी रहेगी।

पंडित विशाल तिवारी ने बताया कि 25 नवंबर को देवउठनी एकादशी के साथ शुभ मुहूर्त शुरू होंगे। 15 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच सूर्य धनु राशि में आ जाएगा, जिसे धनुर्मास कहते हैं। इस एक महीने के दौरान भी शुभ कार्यों पर विराम लगा रहेगा। 17 दिसंबर को गुरु तारा भी अस्त हो जाएगा, जो 11 जनवरी को उदय होगा। इसके बाद शुभ कार्यों की बेला शुरू होगी।

सावन छह जुलाई से होंगे शुरू

सावन की शुरुआत 6 जुलाई से होगी। खास बात यह है कि सावन का पहला दिन सोमवार है। इस माह कुल 5 सोमवार पड़ेंगे। 3 अगस्त को आखिरी सोमवार होगा। लंबे अरसे बाद इस साल सावन के 5 सोमवार होंगे। ज्योतिषाचार्य मुकेश चंद्र पाराशर ने बताया कि सावन के महीने में भगवान शिव का हर दिन जलाभिषेक करने और उनकी पूजा का विधान होता है। ऐसी मान्यता है कि जब सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु चार महीनों के लिए क्षीर सागर में निद्रा के लिए चले जाते हैं, तब सृष्टि का भार भगवान शंकर अपने कंधों पर उठा लेते हैं। 

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