आगरा न्यूज: धोखाधड़ी में एलकेमिस्ट ग्रुप के एमडी फंसे | तिहरे हत्याकांड में पुलिस की चार्जशीट तैयार

Smart News Team, Last updated: 09/10/2020 11:24 PM IST
  • लाखों की धोखाधड़ी के आरोप में एलकेमिस्ट ग्रुप आफ कंपनी के प्रबंध निदेशक चेयरमैन समेत 9 लोग फंस गए हैं। मुख्य न्याययिक मजिस्ट्रेट प्रीती सिंह ने कंपनी के प्रबंध निदेशक, निदेशक और एजेंटों के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज कर विवेचना के आदेश थाना प्रभारी हरी पर्वत को दिए हैं। सदर बाजार निवासी राजीव अग्रवाल ने अधिवक्ता हर्ष और आकाश चौहान के माध्यम से अदालत में मुकद्दमा दर्ज करवाने का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। पुलिस ने एलकेमिस्ट ग्रुप आफ कंपनी के प्रबंंध निदेशक केडी उर्फ कंवर सिंह, निदेशक करण दीप सिंह, सीएस जौली, कृष्ण कबीर, ब्रज मोहन, बलबीर सिंह, एजेंट चंद्र मुखर्जी और दो अन्य एजेंटों को धोखाधड़ी का मुकद्दमा दर्ज करने समेत अन्य धाराओं में नामजद किया है।
  • तिहरे हत्याकांड में पुलिस ने चार्जशीट तैयार कर ली है। एक दो दिन में पुलिस जेल में बंद आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट को कोर्ट में पेश करेगी। चार्जशीट में कुछ ऐसे गवाह भी पेश किए गए हैं जिन्होंने रामवीर और उसके बेटे बबलू को सुभाष के साथ जाते हुए आखिरी बार देखा था। 30 अगस्त को रामवीर उसकी पत्नी मीरा और बेटे बबलू की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने तिहरे हत्याकांड में सबसे पहले सुभाष को और उसके दोस्त वकील को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद सुभाष का भाई गजेंदर भी पकड़ा गया था। सुभाष के माता-पिता और एक अन्य भाई को साक्ष्य नष्ट करने के आरोप में जेल भेजा गया था। 
  • करीब सात महीने से रद्द चल रही भोपाल एक्सप्रेस सहित 39 ट्रेनों को चलाने की रेलवे ने मंजूरी दे दी है। इनमें से 6 ट्रेनें आगरा से होकर गुजरेंगी। रेलवे ने नागपुर, अमृतसर एसी एक्सप्रेस और दुरंतो एक्सप्रेस साप्ताहिक ट्रेन चलाने की भी मंजूरी दे दी है। यह ट्रेनें 15 अक्टूबर से चल सकती हैं। आगरा के यात्रियों को जल्द ही पंजाब मेल और झेलम एक्सप्रेस का तोहफा मिल सकता है। यह ट्रेन 20 अक्टूबर से चल सकती है इसके लिए रेलवे ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। 
  • कोरोना काल में होम आइसोलेशन का फैसला लेने वाले मरीजों को यह भारी पड़ने लगा है। अस्पताल जाने के डर से मरीज जान जोखिम में डाल रहे हैं। ऐसे लोग घरों में गंभीर होकर अस्पतालों में पहुंचने शुरू हो गए हैं। एल वन से लेकर एल टू श्रेणी तक जाने में उन्हें अधिक समय नहीं लग रहा। गंभीर होकर अस्पतालों में पहुंचे मरीजों ने डाक्टरों की चिंता बढ़ा दी है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों की सुविधा के लिए होम आइसोलेशन की प्रक्रिया शुरू की थी, जबकि हो कुछ उलटा ही रहा है। मरीजों की लापरवाही उन पर भारी पड़ रही है। 
  • बेनामा से राजस्व की रफ्तार पिछले वर्ष से 35 फीसदी पीछे चल रही है। कोरोना काल की वजह से अभी तक काम पटरी पर नहीं लौटा है। अप्रैल से सितंबर तक 2019 में  निबंधन विभाग को करीब 236 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे जबकि 28 हजार बेनामे हुए थे। इस बार अप्रैल से सितंबर तक बेनामे से राजस्व करीब154 करोड़ रुपये आया है वहीं बात रजिस्ट्री की करें तो इनकी संख्या महज 22602 ही है। हालांकि सितंबर माह में पिछले वर्ष की अपेक्षा राजस्व ज्यादा आया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि  राजस्व की रफ्तार धीरे-धीरे ही सही बढ़ रही है।  

सम्बंधित वीडियो गैलरी