भोपाल पुलिस कमिश्नर लोगों से पूछ रहे पुलिस थानों की रैंकिंग, नए साल में की जाएगी ट्विटर पोस्ट

Sumit Rajak, Last updated: Wed, 29th Dec 2021, 2:32 PM IST
  • मध्य प्रदेश में पुलिस कमिश्नर सिस्टम की शुरुआत हो चुकी है. नई व्यवस्था में भोपाल पुलिस कमिश्नर अपनी पुलिस और जनता के बीच छवि का पता करने के लिए रैंकिंग सिस्टम लागू कर रहे हैं. पुलिस थानों में पहुंचने वाले लोगों के लिए विजिटर्स रजिस्टर बनाकर उनमें दर्ज लोगों के मोबाइल नंबर पर कॉल सेंटर के माध्यम से पांच प्रश्न करके रैंकिंग बनाकर ट्विवटर पर पोस्ट किया जाएगा.
प्रतीकात्मक फोटो

भोपाल. मध्य प्रदेश में पुलिस कमिश्नर सिस्टम की शुरुआत हो चुकी है. नई व्यवस्था में भोपाल पुलिस कमिश्नर अपनी पुलिस और जनता के बीच छवि का पता करने के लिए रैंकिंग सिस्टम लागू कर रहे हैं. पुलिस थानों में पहुंचने वाले लोगों के लिए विजिटर्स रजिस्टर बनाकर उनमें दर्ज लोगों के मोबाइल नंबर पर कॉल सेंटर के माध्यम से पांच प्रश्न करके रैंकिंग बनाकर ट्विवटर पर पोस्ट किया जाएगा. इसके लिए  रैंकिंग दो सप्ताह में ट्विवटर पर पोस्ट की जाएगी. नए साल में यह रैंकिंग सिस्टम ट्विटर पोस्ट होगा. जिसमें भोपाल शहर के थानों की रैंकिंग सभी के सामने होगी. भोपाल-इंदौर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम को लागू करने के बाद इसे कामयाब बनाने की दिशा में भोपाल पुलिस बढ़ रही है. भोपाल के पहले पुलिस कमिश्नर मकरंद देउस्कर ने नए सिस्टम को सफल बनाने के लिए दो नवाचार की ओर कदम उठाएं हैं. पहला पुलिस थानों की रैंकिंग औऱ दूसरा कई जगह जाम का पता लगाने के लिए सिटीजन एप में सूचनाएं हासिल करने के लिए लोगों को प्रेरित करना है.

भोपाल कमिश्नर देउस्कर ने लाइव हिंदुस्तान से चर्चा में कहा है कि पुलिस कमिश्नर सिस्टम में पुलिस का उसके पास आने वाले लोगों में बेहतर छवि बनाने की दिशा में काम शुरू किया. इसके लिए पुलिस थानों में प्रतिस्पर्धा जैसी स्थिति बनाने और रैंकिंग सिस्टम लागू की गई है.इस दिशा में  तीन दिन पहले ही काम शुरू हुआ है.पुलिस थानों में विजिटर्स रजिस्टर रखवाए गए हैं. पुलिस थानों में आने वाले लोगों के नाम, मोबाइल नंबर उसमें दर्ज की जा रही हैं.

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ट्विटर पर रैंकिंग

भोपाल पुलिस कमिश्नर क्षेत्र के थानों में विजिटर्स रजिस्टर रखे गए हैं.हर दिन पुलिस थानों से रजिस्टर में दर्ज नाम-पते और उनके मोबाइल नंबर का ब्योरा पुलिस कंट्रोल में मंगाकर कॉल सेंटर से प्रत्येक लोगों से संपर्क किया जा रहा है. थानों में पहुंचने वाले लोगों से पांच सवाल पूछे जाते हैं. साथ ही प्रत्येक सवाल की स्टार रैंकिंग होती है. पुलिस कमिश्नर देउस्कर ने कहा कि रैंकिंग को हर 15 दिन में ट्विटर पर पोस्ट किया जाएगा. भोपाल के पुलिस थानों की पहली रैंकिंग नए साल में ट्विटर पर पोस्ट की जाएगी. काम का दबाव बताने वाली पुलिस के पास पहुंचने वाले लोगों की संख्या दहाई के आंकड़े को भी मुश्किल से भी हो रही है. जहांगीराबाद पुलिस थाने में एक दिन में आठ लोगों की विजिटर्स रजिस्टर में एंट्री से सवाल खड़ा हुआ है. आशंका है कि अपनी रैंक को सुधारने के लिए थाने पहुंचने वाले लोगों में से कुछ लोगों की ही एंट्री कराई जा रही है. वहीं कुछ लोगों को जानकारी नहीं दी जा रही है.

पुलिस थानों को मिल रही पांच सवालों से रैंकिंग

1. पुलिस थाने में पहुंचने पर किस अधिकारी से मुलाकात हुई.

2. थाने में आपके साथ कैसा व्यवहार हुआ.

3. आपकी समस्या को कैसे सुना गया.

4. थाने में आपको बैठने और पानी पीने के लिए आग्रह किया गया या नहीं.

5. आप जिस शिकायत या समस्या को लेकर गए थे उसके निराकरण की दिशा में कार्रवाई से कितने संतुष्ट हैं.

 

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