Video: MP के इस शहर में गोवर्धन पूजा में गोबर के ढेर में फेंके जाते बच्चे, ये है वजह

Shubham Bajpai, Last updated: Sat, 6th Nov 2021, 7:25 PM IST
  • मध्यप्रदेश के बैतूल में गोवर्धन पूजा के दौरान एक अनोखी परंपरा का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. बैतूल में लोग अपने छोटे बच्चों को गोबर के ढेर में फेंकते हैं. लोगों की मान्यता है कि इससे बच्चे का स्वस्थ अच्छा रहता है. ये परंपरा इलाके में कई सालों से चली आ रही है.
MP का ऐसा शहर, जहां गोवर्धन पूजा में गोबर के ढेर में फेंके जाते बच्चे, ये है वजह (फोटो सभार लाइव हिंदुस्तान)

भोपाल. देश में अलग-अलग इलाकों और अंचल क्षेत्रों में त्योहारों पर लोग अलग परंपरा और रिवाजों को मानते हैं, लेकिन मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में गोवर्धन पूजा में एक ऐसी परंपरा का पालन होता है जिसे जानकर आप हैरान हो जाएंगे. यहां पर गोवर्धन पूजा के मौके पर छोटे बच्चों को अच्छे स्वस्थ के लिए गोबर के ढेर में फेंका जाता है. इसमें काफी पढ़े-लिखे लोग भी शामिल होते हैं.

लोगों की मान्यता है कि गोबर में फेंकने के बाद बच्चे का स्वस्थ सालभर अच्छा रहेगा. उस पर बुरा साया या उसे किसी की नजर नहीं लगेगी. ये परंपरा कई सालों से चली आ रही है और लोग इसका पालन अभी तक कर रहे हैं.

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लोगों की मान्यता बच्चों के ठीक होते स्कीन से जुड़ी बीमारी

लोगोंक की मान्यता है कि स्कीन से जुड़ी बीमारी के बच्चों को इस तरह गोबर से बने गोवर्धन पर्वत पर लिटाने से उनकी बीमारी ठीक हो जाती है. इस कार्यक्रम का आयोजन ग्वाला और यादव समाज के लोगों द्वारा गोवर्धन पूजा के दिन किया जाता है. हालांकि हिंदुस्तान स्मार्ट इस तरह के इलाज या बीमारी के ठीक होने की दावे की पुष्टि नहीं करता है.

कई इलाकों में होता आयोजन

ग्वाला समाज के उपाध्यक्ष कैलाश यादव ने बताया कि इलाके में कई स्थानों पर ऐसे कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. इसमें 6 से 7 साल के बच्चों को गोवर्धन पर लिटाया जाता है. जिनसे स्कीन से जुड़ी बीमारियां ठीक हो जाती है. इस कार्यक्रम का आयोजन तब से हो रहा है, जब से भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाया था. यह द्वापर से चली आर रही परंपरा है. विज्ञान इसके साइड इफेक्ट बता सकता है, लेकिन हम इसे भगवान का आशीर्वाद कहते हैं और आज तक कुछ नहीं हुआ.

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इस पंरपरा को लेकर डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह की परंपराओं को पूर्वजों ने लॉजिक के साथ शुरू किया था. इसे अब करने में सावधानी बरतने की जरूरत है. यदि बच्चे की स्कीन किसी चोट की वजह से डैमेज हो तो उसे इस तरह गोबर से बने गोवर्धन पर न लिटाएं उसकी बीमारी बढ़ सकती है.

 

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