IIT गोल्ड मैडलिस्ट कैदी बोला- जेल अधिकारी ने करवाए अफसरों के फोन हैक, करोड़ों कमाए

Smart News Team, Last updated: Fri, 19th Nov 2021, 11:55 AM IST
  • उज्जैन की सेंट्रल जेल में कैदी अभिजीत अग्रवाल का वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें उसने दावा किया है कि अधिकारियों ने उससे डिजिटल धोखाधड़ी करवाई.
मध्यप्रदेश की उज्जैन सेंट्रल जेल के कैदी का एक वीडियो वायरल हुआ है.

भोपाल. जेलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल से जुड़ी खबरें तो बहुत पढ़ी होंगी लेकिन भोपाल के उज्जैन की सेंट्रल जेल में ऐसी चौंका देने वाली खबर सामने आई है जिसने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए. दरअसल मध्यप्रदेश की उज्जैन सेंट्रल जेल के कैदी का एक वीडियो वायरल हुआ है. वीडियो में हुए खुलासे से साइबर क्राइम की टीम भी भौंचक्की रह गई.

IITian गोल्ड मैडलिस्ट है कैदी

कैदी का नाम अमर उर्फ अभिजीत है, जो खुद को IITian गोल्ड मैडलिस्ट बताता है. वह उज्जैन की सेंट्रल जेल का कैदी है. वीडियो में उसने अफसरों के बारे में जो खुलासा किया है वह हैरान कर देने वाला है. कैदी ने बताया कि उससे जेल के अफसरों ने साइब हैकिंग करवा कर कई करोड़ों रुपए कमाए हैं. हालांकि इस वीडियो के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है.

साइबर हैकिंग के जरिए अफसरों ने कमाए करोड़ों

वीडियो में अभिजीत अग्रवाल ने दावा किया है कि कैसे उज्जैन जेल के अफसरों ने साइबर हैकिंग के जरिए उससे करोड़ों रुपए कमाए हैं. अभिजीत वीडियो कॉलिंग के जरिए अधिकारी को दस्तावेज दिखाते हुए इस बात की पुष्टि कर रहा है कि उससे कितनी ई-मेल आईडी, वेबसाइट, यू-ट्यूब चैनल जेल अधिकारियों ने बनवाए हैं. वह उज्जैन जेल के तत्कालीन उप जेल अधीक्षक संतोष लडिया को साइबर हैकिंग का मास्टरमाइंड बता रहा है. वायरल हो रहे वीडियो में वह कह रहा है कि जेल अधीक्षक संतोष के इशारे पर वह जेल में रहने के दौरान साइबर हैकिंग कर रहा था.

इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच कर रही स्टेट साइबर सेल SIT टीम सभी पहलुओं पर जांच कर रही है. साइबर सेल ने केंद्र की कुछ एजेंसियों की मदद ली है.

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2018 से जेल में बंद है कैदी अभिजीत

सेंट्रल जेल भैरवगढ़ में धोखाधड़ी के कई मामलों का अभिजीत अग्रवाल 2018 से बंद है. महाराष्ट्र निवासी अभिजीत अग्रवाल को पिछले महीने भोपाल जेल शिफ्ट कर दिया गया था. भोपाल जेल पहुंचने पर उसके खुलासे से साइबर क्राइम की टीम भी दंग रह गई. जालसाजी में माहिर अनंत अमर अग्रवाल ने जेलर संतोष लड़िया, डिप्टी जेलर सुरेश गोयल पर साइबर क्राइम के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया. अग्रवाल ने ये भी कहा है कि उज्जैन जेल में रहते हुए जेल अधिकारियों ने उससे फर्जी तरीके से लोगों के क्रेडिट कार्ड हैक करवाए और खुद सारा रुपया हड़प लिया.

IPS से लेकर कई बड़े अधिकारियों के फोन किए हैक

उसने बताया कि अधिकारियों ने कई बड़े आईपीएस, न्यायाधीश अन्य के फोन तक हैक कराए व उनमें मैलवेयर ("मैलवेयर" कंप्यूटर को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार किया जाने वाला एक प्रकार का सॉफ़्टवेयर है) लोड करने के लिए दबाव बनाया. इस कार्य के लिए उसे जेल में लैपटॉप व इंटरनेट सुविधा दी गई थी. इसके माध्यम से डार्कनेट से खरीदे गए. क्रेडिट कार्ड के जरिए डिजिटल धोखाधड़ी कराई गई.

जेल अधिकारियों से पूछताछ कर रही है पुलिस

वहीं अमर की शिकायत के बाद गत शुक्रवार को जेल मुख्यालय ने उज्जैन केन्द्रीय जेल के उप जेल अधीक्षक संतोष लडिया, सहायक जेल अधीक्षक सुरेश कुमार गोयल, प्रहरी धमेन्द्र नामदेव को अटैच कर दिया था. जांच के दौरान इन तीनों से राज्य साइबर सेल पुलिस पूछताछ भी कर सकती है. एसआईटी गठित कर जांच कराई जा रही है. तीनों से मामले की जांच कर रही एसआईटी कई स्तर पर पूछताछ कर चुकी है.

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