अब व्यापमं का नाम होगा कर्मचारी चयन बोर्ड, शिवराज कैबिनेट का फैसला
- मध्य प्रदेश सरकार ने अब व्यापमं का नाम बदल दिया है. शिवराज कैबिनेट की बैठक में नया नाम 'कर्मचारी चयन बोर्ड' करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. बता दें कि मेडिकल भर्ती परीक्षाओं में धांधली और कई संदिग्ध मौतों के बाद व्यापम (व्यावसायिक परीक्षा मंडल) घोटाला उजागर हुआ था.

भोपाल. मध्य प्रदेश में मेडिकल भर्ती परीक्षाओं में धांधली और कई संदिग्ध मौतों के बाद चर्चा में आए व्यापमं (व्यावसायिक परीक्षा मंडल) घोटाले के दाग मिटाने के लिए शिवराज सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. राज्य सरकार ने अब व्यापमं का नाम बदल दिया है. शिवराज कैबिनेट की बैठक में नया नाम 'कर्मचारी चयन बोर्ड' करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. जिसके बाद अब व्यापमं का नाम कर्मचारी चयन बोर्ड होगा.
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि व्यापम को अब कर्मचारी चयन बोर्ड का नाम दिया गया है. कर्मचारी चयन बोर्ड सामान्य प्रशासन विभाग के अंतर्गत काम करेगा. इसके अलावा शिवराज कैबिनेट में तकनीकी बोर्ड के उपाध्यक्ष पद को गैर सरकारी व्यक्ति देने का भी फैसला हुआ है. साथ ही तय हुआ है कि नर्मदा एक्सप्रेस वे का प्रस्ताव भी केंद्र सरकार को भेजा जाएगा. बता दें कि इससे पहले व्यापमं का नाम बदलकर प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड रखा गया था.
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आपको बता दें कि व्यवसायिक परीक्षा मंडल की ओर से मेडिकल समेत कई भर्तियों के लिए परीक्षाएं आयोजित होती है. पिछले कुछ सालों में मेडिकल भर्ती के दौरान धांधली और नकल गिरोह सामने आया था. शिवराज सरकार ने इसकी जांच के लिए एसआईटी का गठन किया. कई छात्रों की संदिग्ध मौतें भी मामले सामने आए थे. व्यापमं घोटले से शिवराज सरकार की काफी बदनामी हुई थी. इसके बाद सरकार ने इसका नाम प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) भी किया था, लेकिन हिंदी में उसकी पहचान व्यापम ही बनी हुई थी. लेकिन, शिवराज कैबिनेट की बैठक में अब व्यापमं का नाम बदलकर कर्मचारी चयन बोर्ड कर दिया गया है.
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