कर्नाटक विवाद के बीच MP में हिजाब बैन पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का बड़ा बयान

Komal Sultaniya, Last updated: Wed, 9th Feb 2022, 2:51 PM IST
  • मध्‍य प्रदेश के गृहमंत्री और सरकार के प्रवक्ता डा. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मध्य प्रदेश की शिक्षा संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध लगाने के लिए सरकार के पास कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. हिज़ाब का मामला कर्नाटक का है वहां भी यह मामला हाईकोर्ट में लंबित है.
कर्नाटक विवाद के बीच MP में हिजाब बैन पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का बड़ा बयान (फाइल फोटो)

भोपाल. मध्‍य प्रदेश के गृहमंत्री और सरकार के प्रवक्ता डा. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मध्य प्रदेश की शिक्षा संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध लगाने के लिए सरकार के पास कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. हिज़ाब का मामला कर्नाटक का है वहां भी यह मामला हाईकोर्ट में लंबित है.

गृह मंत्री डा. मिश्रा ने कहा कि हिजाब का मुद्दा कर्नाटक का है, जहां यह मामला हाईकोर्ट में भी लंबित है. कोर्ट के फैसले से पहले ही कांग्रेस एक बार फिर इस मामले को अहमियत देकर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश कर रही है. गृह मंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में कानून का राज है और यहां किसी को भी शांति भंग करने की इजाजत नहीं है, जो भी ऐसा प्रयास करेगा उसे सजा भुगतनी होगी.

MP में हिजाब पर प्रतिबंध पर तैयारी, शिक्षा मंत्री ने कहा- ड्रेस कोड का हिस्सा नहीं है हिजाब

बता दें कि राज्य के शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार मंगलवार को कहा था कि हिजाब यूनिफॉर्म कोड का हिस्सा नहीं है. अगर कहीं कोई हिजाब पहनकर स्कूल में आता है, तो उसे रोका जाएगा. स्कूलों में यूनिफॉर्म कोड के अनुसार ही आना होगा. मंत्री ने कहा कि अपनी परंपराओं का पालन घरों में करें. सभी छात्रों में समानता का भाव रहे, अनुशासन रहे और स्कूल की एक अलग पहचान बने. इसके लिए हम यूनिफॉर्म कोड पर हम काम कर रहे हैं. हिजाब यूनिफॉर्म का हिस्सा नहीं है. हम स्कूल यूनिफॉर्म कोड को लेकर काम कर रहे हैं. अगले सेशन से पहले यूनिफॉर्म कोड पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा.

जानिए क्या है पूरा विवाद

कर्नाटक के कई कॉलेजों में हिजाब पहनकर आने वालीं लड़कियों को कॉलेज में एंट्री नहीं दी जा रही है. वहीं, हिजाब के जवाब में हिंदू लड़कियां केसरिया दुपट्टा पहनकर आने लगी हैं. विवाद की शुरुआत उडुपी के एक कॉलेज से हुई थी, जहां जनवरी में हिजाब पर बैन लगा दिया था. इस मामले के बाद उडुपी के ही भंडारकर कॉलेज में भी ऐसा ही किया गया. इस मामले को लेकर रेशम फारूक नाम की एक छात्रा ने कर्नाटक हाईकोर्ट याचिका दायर की है. इसमें कहा गया कि हिजाब पहनने की अनुमति न देना संविधान के अनुच्छेद 14 और 25 के तहत मौलिक अधिकारों का हनन है. इस मामले को लेकर कर्नाटक हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है.

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