MP में अब भोपाल के इस ऐतिहासिक स्थल और इंदौर शहर का नाम बदलने की मांग !

Shubham Bajpai, Last updated: Fri, 26th Nov 2021, 4:23 PM IST
  • एमपी में नाम बदलने की सियासत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. हबीबगंज और पातालपानी स्टेशन, बस स्टैंड का नाम बदलने के बाद अब भोपाल के मिंटो हॉल और इंदौर शहर का नाम बदलने की मांग उठने लगी है. भाजपा मिंटो हॉल का नाम डॉ. हरि सिंह गौर तो कांग्रेस मामा टंट्या भील के नाम पर करने की मांग कर रही है.
MP में हबीबगंज के बाद उठी इस ऐतिहासिक स्थल और शहर का नाम बदलने की मांग

भोपाल. मध्यप्रदेश में हबीबगंज स्टेशन का नाम रानी कमलापति स्टेशन करने के बाद से प्रदेश में नाम बदलने की सियासत की रेल रूकने का नाम नहीं ले रही है. अब प्रदेश के अलग-अलग संगठन कई ऐतिहासिक स्थलों का नाम बदलने की मांग कर रहे हैं. अब भोपाल स्थित मिंटो हॉल और इंदौर का नाम बदलने की मांग शुरू हो गई है. हालांकि कांग्रेस और भाजपा दोनों अलग-अलग लोगों के नाम पर इन स्थानों का नाम करने की मांग कर रहे हैं.

बता दें कि इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर का नाम पातालपानी स्टेशन, बस स्टैंड और चौराहे का नाम मामा टंट्या भील किया है.

भोपाल: बड़े तालाब में बारहसिंगा का रेस्क्यू Video, तैरते हुए थका तो वाटर स्पोर्ट के कोच ने बचायी जान

भाजपा डॉ. हरि सिंह गौर तो कांग्रेस ने की मामा टंट्या भील करने की मांग

भोपाल के मिंटो हॉल का नाम बदलने की मांग उठाते प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल ने भोपाल स्थित पुरानी विधानसभा मिंटो हॉल का नाम शिक्षाविद् ,सागर विश्वविद्यालय के संस्थापक व पूर्व कुलपति डॉ. हरिसिंह गौर के नाम करने का आग्रह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से किया है. वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने मिंटो हॉल का नाम बदलकर मामा टंट्या भील के नाम करने की मांग की है. हालांकि प्रदेश सरकार के मंत्री भूपेंद्र सिंह मिंटो हॉल का नाम डॉ. हरिसिंह गौर के नाम करने की मांग का समर्थन कर चुके हैं.

CM शिवराज के मंत्री के बिगड़े बोल, कहा- ठाकुरों के घर की महिलाओं को पकड़ कर बाहर निकालो

इंदौर का नाम अहिल्याबाई होल्कर के नाम करने की मांग

इंदौर का नाम अहिल्याबाई होल्कर के नाम करने की मांग भाजपा के करने के बाद कांग्रेस ने भी इस मांग का समर्थन किया है. बीजेपी के प्रवक्ता उमेश शर्मा ने कहा कि माता अहिल्या बाई होलकर परम शिव भक्त थीं और उन्होंने शिव मंदिरों का निर्माण कराया. हालांकि कांग्रेस की मांग है कि पहले खुदी सड़कें, ट्रैफिक व्यवस्था समेत सभी समस्याओं को दूर करने के बाद सरकार नाम बदलने के बारे में सोचे.

बता दें कि इंदौर का नाम बदलकर इंदूर करने की मांग पहले भी उठ चुकी है. इंदौर का पहले नाम इंदूर ही था, जिसे अंग्रेजों के समय इसका नाम इंदौर हुआ. इसके साथ ही उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया ने फतेहाबाद का नाम बदलकर चंद्रावतीगंज करने की मांग की थी.

अन्य खबरें