MP: विशेष समुदाय से धमकी के बाद पलायन मामले में शिवराज सरकार की कार्रवाई, गांव में बनाई चौकी

Shubham Bajpai, Last updated: Thu, 20th Jan 2022, 10:03 AM IST
  • एमपी के रतलाम के सुराणा गांव में पलायन की और हिंदू निवासियों को धर्म विशेष द्वारा उत्पीड़न का आरोप लगाने के बाद शिवराज सरकार ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की. गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि गांव में अस्थायी चौकी बनाई गई है. साथ ही एक समिति का भी गठन किया गया है.
MP: विशेष समुदाय से धमकी के बाद पलायन मामले में शिवराज सरकार की कार्रवाई (फाइल फोटो)

भोपाल (भाषा). मध्यप्रदेश में रतलाम के सुराणा गांव के कई वीडियो तेजी से सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हैं. जिसमें हिंदू समुदाय द्वारा उत्पीड़न से परेशान होकर पलायन की खबरें सामने आ रही हैं. जिस पर अब शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने कार्रवाई करते हुए गांव में अस्थायी चौकी स्थापित करने के निर्देश दिए. गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि वर्तमान स्थिति पैदा करने वाले मुद्दों को हल करने के लिए दोनों समुदायों के स्थानीय निवासियों और अधिकारियों की एक समिति बनाई गई है. इसके साथ ही गांव में आपराधिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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प्रशासन ने कहा कि गांव की स्थिति के लिए असामाजिक तत्व जिम्मेदार है और दोनों समुदाय के सदस्य शांति से रहना चाहते हैं.

सुराणा गांव के हिंदू निवासियों के समूह ने मंगलवार को जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंप कर आरोप लगाया था कि उन्हें एक विशेष समुदाय के लोगों से धमकियां मिल रही हैं जो कि गांव की आबादी का 60 प्रतिशत हैं.

मिश्रा ने बताया कि सूचना मिलने पर जिलाधिकारी और पुलिसअधीक्षक को गांव में भेजा गया. सुराणा में अस्थाई पुलिस चौकी बनाई गई है, जहां एक उप निरीक्षक और 10 अन्य पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे. किसी गलतफहमी की वजह से गांव में यह स्थिति पैदा हुई.

उन्होंने कहा कि एक समिति, जिसमें दोनों समुदायों के दो-दो सदस्य और दो अधिकारी शामिल किए गए हैं, गांव के कुछ निवासियों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर ध्यान देगी. इसके साथ ही गांव के आपराधिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई शुरु की जा रही है और उन्हें जिले से बाहर किया जाएगा.

जिलाधिकारी कुमार पुरुषोत्तम ने बुधवार को ग्रामीणों के साथ बैठक करने के बाद कहा कि दोनों समुदायों के लोगों के विचार सुने गए.

उन्होंने कहा कि हम एक महीने के भीतर सरकारी जमीन (सुराणा गांव) से सभी अतिक्रमण हटा देंगे. दोनों समुदाय शांति से रहना चाहते हैं. पिछले दो-तीन साल में कुछ घटनाएं घटी हैं, जिनेसे दोनों समुदायों के बीच अविश्वास का माहौल पैदा हो गया है.

उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा बनाई गई थी, लेकिन किसी को कलह पैदा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और उकसावे में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पिछले दो-तीन साल में कुछ परिवारों के युवाओं को बार-बार धमकाया गया और पीटा गया, लेकिन पुलिस में कई शिकायतें दर्ज कराए जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई.

ज्ञापन में पीड़ित ग्रामीणों ने कहा कि वे अपनी संपत्ति प्रशासन को सौंपकर अन्य जगहों पर बसना चाहते हैं.

इस बीच, सोशल मीडिया पर तस्वीरें सामने आई हैं जिसमें गांव के कुछ घरों की दीवारों पर मकान बिकाऊ है लिखा देखा जा सकता है.

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