भारतीय वैज्ञानिकों का कमाल, मध्य प्रदेश में बने चॉकलेट को खाकर ज्यादा दूध देंगे मवेशी

Indrajeet kumar, Last updated: Fri, 15th Oct 2021, 8:57 PM IST
  • मध्य प्रदेश के जबलपुर के नानाजी देशमुख वेटनरी साइंस यूनिवर्सिटी वैज्ञानिकों ने एक खास किस्म का चॉकलेट बनाया है. इस चॉकलेट को खिलाने से पशु अधिक दूध का उत्पादन करेंगे साथ ही प्रजनन क्षमता में भी बढ़ोतरी होगी. साथ ही इस चॉकलेट से पशुओं मल्टी विटामिन और मिनरल्स की भी पूर्ति होगी.
प्रतीकात्मक फोटो

भोपाल. मध्य प्रदेश के जबलपुर के नानाजी देशमुख वेटनरी साइंस यूनिवर्सिटी ने दुधारू पशुओं को चारे के बदले चॉकलेट खिलाने का भी विकल्प सुझाया है. इस एक खास किस्म की चॉकलेट को खिलाने से पशु अधिक दूध का उत्पादन करेंगे. एक विशेषज्ञ ने जानकारी देते हुए बताया कि इस चॉकलेट को पशुओं को खिलाने से दूध में तो बढ़ोतरी होने के साथ-साथ प्रजनन दर में भी बढ़ोतरी होगी. यूनिवर्सिटी में लगभग दो महीने के शोध के बाद इस चॉकलेट को तैयार किया गया है. इस चॉकलेट को पशुओं को खिलाने से पशुओं में मल्टी विटामिन और मिनरल्स की पूर्ति होगी. यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर प्रोफेसर एसपी तिवारी ने बताया कि ये चॉकलेट हरे चारे के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है.

उन्होंने बताया कि नानाजी देशमुख वेटनरी साइंस यूनिवर्सिटी पूरे राज्य में इस चॉकलेट की सप्लाई करने की तैयारी कर रहा है. सप्लाई के लिए स्टेट वेटनरी एंड एनिमल हसबैंड्री डिपार्टमेंट से सहयोग लिया जाएगा. प्रोफेसर एसपी तिवारी ने बताया कि अगर कोई वेटनरी ग्रेजुएट इस तरह के चॉकलेट का उत्पादन करने के लिए स्टार्टअप करना चाहता है तो यूनिवर्सिटी उसे टेक्निकल ट्रेनिंग देने के लिए तैयार है. वाइस-चांसलर ने बताया कि एक चॉकलेट का टुकड़ा लगभग 500 ग्राम का है. इस चॉकलेट में पशुओं को खिलाने वाले नेचुरल फूड सप्लीमेंट भी मिलाया गया है.

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वाइस-चांसलर प्रोफेसर तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस चॉकलेट को तैयार करने में मस्टर्ड केक, शीरा, स्टार्च, चूना पाउडर, शीरा, राइस पॉलिश, और नमक का इस्तेमाल किया गया है. इस चॉकलेट को ढालने के लिए एक खास तरह के लकड़ी के सांचे को बनाया गया है. इन लकड़ी के सांचों को यूनिवर्सिटी में ही तैयार किया गया है. अब तक ऐसे 500 पीस लकड़ी के सांचे तैयार कर लिए गए हैं. यूनिवर्सिटी ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर इस चॉकलेट के उत्पादन और बिक्री की अनुमति मांगी है.ॉ

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