मकर संक्रांति पर गायत्री मंत्र और आदित्य हृदय स्त्रोत का करें पाठ, सूर्यदेव की होगी कृपा

Pallawi Kumari, Last updated: Thu, 13th Jan 2022, 5:02 PM IST
  • मकर संक्रांति का त्योहार पौष मास के आखिरी दिन मनाया जाता है. इस दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं. मकर संक्रांति पर सूर्य देव की विशेष पूजा की जाती है. लेकिन अगर आप इस दिन पूजा में इन विशेष मंत्रों का पाठ करते हैं तो आपकी हर मनोकामना जरूर पूरी होगी.
सूर्य देव की कृपा के हृदय स्त्रोत पाठ

मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव की उपासना की जाती है. इस दिन सूर्य उत्तरायण होते हैं. हर साल 14 जनवरी के दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में गोचर करते हैं. इसलिए इस दिन मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाता है. वैसे तो मकर संक्रांति पर स्नान-दान का खास महत्व होता है. लेकिन सूर्यदेव की विशेष कृपा पाने के लिए इस दिन गायत्री मंत्र और आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ जरूर करना चाहिए. आइये जानते हैं मकर संक्रांति पर भगवान सूर्यदेव की कृपा पाने के लिए क्या करें.

1. आदित्य हृदय स्त्रोत- ये स्त्रोत भगवान सूर्यदेव को समर्पित है. इसका पाठ करने से शक्ति और बुद्धि का संचार होता है. वैसे तो प्रतिदिन सूर्योदय के समय इस स्त्रोत का पाठ करना अच्छा माना जाता है. लेकिन मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव की अराधना के समय आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करना और भी श्रेष्ठ होता है. इससे सूर्य देव की कृपा मिलती है और आपकी सारी मनोकामएं भगवान पूरी करते हैं.

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2. गायत्री मंत्र- 'ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।' इस मंत्र का उच्चारण कम से कम 21 बार सूर्य देव को अर्घ्य देते समय करें.

3. स्नान- मकर संक्रांति का स्नान खास माना जाता है. इस दिन लोग सुबह सूर्योदय से पहले पवित्र नदी में स्नान करते हैं. अगर पवित्र नदी में स्नान करना संभव ना हो तो आप घर पर पानी में पहले तिल या तिल का तेल डालकर स्नान करें.

4. दान- मकर संक्रांति पर दान का खास महत्व होता है. कहा जाता है कि इस दिन किए गए दान का कई गुणा लाभ मिलता है. मकर संक्रांति पर तिल, गुड़, कंबल, खिचड़ी आदि का दान करना चाहिए. 

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