उत्तराखंड चुनाव 2022: परिवार ने लिया वोट न देने का संकल्प और गांव किया खाली

Ankul Kaushik, Last updated: Mon, 17th Jan 2022, 12:50 PM IST
  • उत्तराखंड के नैनीताल जिले के मझेड़ा गांव के किम तोक के आखिरी परिवार ने भी वोट न देने का संकल्प लेकर गांव खाली कर दिया है. उत्तराखंड चुनाव से पहले इस गांव की चर्चा हर जगह हो रही है.
वोट न देने का संकल्प लेकर गांव किया खाली (फाइल फोटो)

कैलाश नेगी, देहरादून. उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर प्रदेश के नैनीताल जिले के गांव मझेड़ा में एक परिवार ने वोट न देने का संकल्प लेकर गांव खाली कर दिया है. नैनीताल जिले में मझेड़ा गांव में चुनाव में हुए वादे पूरे नहीं हुए हैं. इस गांव के लोग चुनाव में किए गए अच्छे स्कूल, स्वास्थ्य, बिजली और पानी की आधारभूत सुविधाओं के वादे पूरे न होने पर गांव छोड़ रहे हैं. गांव के आखिरी परिवार किमु तोक ने भी गांव छोड़ दिया. इससे पहले गांव छोड़कर हल्दानी गए भूषण पंत के परिवार ने कहा कि अगर में जिंदगी की हर समस्या खुद हल करते हैं तो इन नेताओं को वोट देने का कोई फायदा नहीं है. इसलिए अब कभी मतदान नहीं करेंगे. अल्मोड़ा हाईवे पर स्थित गरमपानी से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर मझेड़ा गांव पहाड़ी पर स्थित है.

गांव के लोगों का कहना है कि आज भी इस गांव के लिए पानी, सड़क जैसी सुविधाओं का इंतजार है. उत्तराखंड के अधिकतर गांव के लोगों की तरह मझेड़ा गांव के लोग भी पलायन की मार झेल रहे हैं. इतना ही नहीं गरमपानी क्षेत्र की सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध रामलीला भी बंद हो गई. इस गांव में करीब 100 सालों से रामलीला का ओयजन हो रहा है लेकिन अब इस गांव में कलाकार ही नहीं बचे हैं. इस गांव में विकास के लिए 10 लाख का बजट भी जारी होता है लेकिन गांव में अभी भी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं.

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वहीं गांव मझेड़ा के प्रधान भास्कर चंद ने कहा कि पलायन रोकने को मनरेगा के तहत ग्राम सभा के कई युवाओं को कार्य पर लगाया है ताकि लोग यहीं काम कर अपनी ग्राम सभा में रह सकें. हालांकि कई बार हम पलायन को नहीं रोक पाते हैं. गांव मझेड़ा की 50 फीसदी आबादी अब तक पलायन कर चुकी है.

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