नहीं होना होगा परेशान, नए राशन कार्ड से भी बनेगा आयुष्मान कार्ड, जानिए पूरी डिटेल्स

Swati Gautam, Last updated: Wed, 1st Dec 2021, 4:36 PM IST
  • उत्तराखंड सरकार ने नए राशन कार्ड धारकों को राहत दिया है. अब 2021 तक बने नए राशन कार्ड धारकों को आसानी से आयुष्मान कार्ड मिल जाएगा. जिससे वे पांच लाख तक का इलाज फ्री में करवा सकेंगे.
नहीं होना होगा परेशान, नए राशन कार्ड से भी बनेगा आयुष्मान कार्ड. file photo

देहरादून. नई राशन कार्ड की समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है. उत्तराखंड सरकार ने नए राशन कार्ड धारकों को राहत दिया है. अब 2021 तक बने नए राशन कार्ड धारकों को आसानी से आयुष्मान कार्ड मिल जाएगा. जिससे वे पांच लाख तक का इलाज फ्री में करवा सकेंगे. बता दें कि अभी तक पूराने राशन कार्ड ( 2014-15) से ही परिवार के सदस्यों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे थे, लेकिन अब खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से आयुष्मान सोसायटी को नए कार्डों के साथ पुराने रिन्यू किए गए कार्डों का डाटा उपलब्ध करा दिया गया है. जिसके चलते अब नए राशन कार्ड धारक भी आयुष्मान कार्ड से इलाद करवा सकेंगे.

23 लाख परिवारों का डाटा लिंक मिला

सरकार ने लोगों आयुष्मान कार्ड योजना के तहत लोगों को बड़ी राहत दी है. इस तहत पांच लाख से ज्यादा परिवारों के 20 लाख से ज्यादा सदस्यों को इसका लाभ मिलेगा व पांच लाख रुपये तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी.राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा और राज्य खाद्य सुरक्षा के तहत इस वक्त उत्तराखंड में 23 लाख परिवार और 89 लाख कुल सदस्यों का डाटा विभाग की ओर से दे दिया गया है. इससे पहले 18 लाख से ज्यादा परिवारों का डाटा लिंक था.

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किसी भी अस्पताल में बनेगा कार्ड

आयुष्मान सोसायटी अध्यक्ष डीके कोटिया और सीईओ अरुणेंद्र सिंह चौहान की अगुवाई में सोसायटी व इंप्लीमेंटेशन सपोर्ट एजेंसी की टीमें इस प्रक्रिया में जुटी हैं. कॉमन सर्विस सेंटर, किसी भी अस्पताल में आयुष्मान कार्ड बन सकेगा.

बायोमेट्रिक होगा अनिवार्य

बायोमैट्रिक सिस्टम के माध्यम से आयुष्मान भारत में मरीजों का सत्यापन किया जाएगा. इन मरीजों की इंट्री एवं आउट दोनों समय बायोमैट्रिक के माध्यम से सत्यापन होना है ताकि गलत लोग इसका फायदा नहीं उठा सकें. आयुष्मान भारत के तहत इलाज के लिए जो भी मरीज आते हैं उसका आने और जाने के समय बायोमैट्रिक सिस्टम से जांच होगा, ताकि पता चल सके कि मरीज सही है. उन्होंने बताया कि मरीज जैसे ही अंगूठा लगाएंगे वैसे ही पता चल जाएगा कि जिसका आधार कार्ड है वह मरीज है या नहीं. इस व्यवस्था से काफी सुधार होगी और सही लोगों का लाभ मिलेगा.

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