हरीश रावत संग दर्शन को केदारनाथ पहुंचे पंजाब CM चन्नी और सिद्धू

Swati Gautam, Last updated: Tue, 2nd Nov 2021, 3:27 PM IST
  • मंगलवार को पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू देहरादून पहुंचे जहां उन्होंने पार्टी के प्रदेश मामलों के पूर्व प्रभारी हरीश रावत से मुलाकात की इस दौरान वे केदारनाथ धाम गए और वहां बर्फबारी के बीच पूजा अर्चना की. 
हरीश रावत संग दर्शन को केदारनाथ पहुंचे पंजाब CM चन्नी और सिद्धू

देहरादून. मंगलवार को पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू देहरादून पहुंचे जहां उन्होंने पार्टी के प्रदेश मामलों के पूर्व प्रभारी और पूर्व उत्तराखंड मुख्यमंत्री हरीश रावत से मुलाकात की. इस दौरान वे केदारनाथ धाम गए और वहां बर्फबारी के बीच पूजा अर्चना की. इस मौके पर दोनों नेताओं के साथ विधानसभा अध्यक्ष राणा के पी सिंह और प्रदेश मामलों के प्रभारी हरीश चौधरी भी मौजूद थे. कहा जा रहा है कि किसी महत्वपूर्ण राजनीतिक रणनीति के तहत यह मुलाकात की गई है. साथ ही आने वाले यूपी विधानसभा चुनावों को लेकर भी प्लानिंग की जा सकती है.

इस दौरान तीर्थपुरोहितों से भी कांग्रेस नेताओं ने मुलाकात की. केदारनाथ में हो रही बर्फबारी से तापमान में भी गिरावट आई है. हालांकि, बाबा केदार के दर्शन के लिए कांग्रेस नेताओं का जोश देखते ही बन रहा है. नवजोत सिंह सिद्धू ने रावत से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत की. वहीं चौधरी ने कहा कि सरकार और पार्टी संगठन की एकजुटता को देख कर यह साफ है कि पंजाब कांग्रेस में अब सब कुछ ठीक है. देहरादून पहुंचने के बाद सीएम चरणजीत और सिद्धू ने काफी देर तक कांग्रेस पार्टी के राजनीति हालात पर चर्चा की.

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वहीं देहरादून पहुंच कर नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि ‘कार्तव्य पथ’ से बड़ा कोई ‘धर्म पथ’ नहीं.धर्म गरीबों का पेट भर रहा है, खुशियां फैला रहा है. यह महादेव का संदेश है इसलिए मैं यहां आशीर्वाद लेने आया हूं. यही कामना है कि महादेव के आशीर्वाद से मैं अपने कल्याण को पंजाब के कल्याण के साथ मिला सकूं, जिससे पंजाब की जीत हो. बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी सोमवार को केदारनाथ धाम में पहुंचे थे जहां देवस्थानम बोर्ड के मुद्दे को लेकर जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा. तीर्थपुरोहितों ने काले झंडे दिखाने के साथ ही त्रिवेंद्र के खिलाफ नारेबाजी की. विरोध-प्रदर्शन के चलते पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र को केदारनाथ के दर्शन किए बगैर वापस लौटना पड़ा.

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