नेपाल से इंडिया आना अब मुश्किल, भारत बॉर्डर पर बढ़ी सख्ती, जानिए क्यों

Anurag Gupta1, Last updated: Tue, 30th Nov 2021, 8:19 PM IST
  • सुरक्षा को देखते हुए भारत-नेपाल बॉर्डर पर सख्ती बढ़ा दी गई है. बिना पहचान पत्र नेपाल के लोग भारत नही आ सकेंगे. सीतापुल, ऐलागाड़, धारचूला, बलुवाकोट, जौलजीबी, झूलाघाट के रास्ते से नेपाल के लोग भारत रोजगार की तलाश में आते हैं.
भारत-नेपाल बार्डर (फाइल फोटो)

देहरादून. सुरक्षा के मद्देनजर अब नेपाली नागरिकों को भारत में पहचान पत्र दिखाकर ही प्रवेश मिलेगा. भारत- नेपाल सीमा पर सुरक्षा एंजेंसियों ने सख्ती शुरू कर दी है. पिथौरागढ़ जनपद की नेपाल से 150 किमी से अधिक लंबी खुली सीमा लगी है. भारत- नेपाल सीमा पर काली नदी में सीतापुल, ऐलागाड़, धारचूला, बलुवाकोट, जौलजीबी, झूलाघाट में झूलापुल हैं. इन रास्तों से नेपाल के लोग रोजगार की तलाश में भारत आते हैं.

बता दें हाल में भारत के कालापानी से सटे कुटी, गुंजी, नाभी पर नेपाल अपना दावा कर चुका है. उसने इन उच्च हिमालयी माइग्रेशन वाले गांवों में जनगणना के लिए टीम भेजने की कोशिश भी की लेकिन सफलता नहीं मिली. अब उसने अपने माइग्रेशन गांव तिंगर व छांगरू की आड़ में भारतीय रास्ते से जाने के लिए अनुमति मांगी है. 29 दिन से अधिक समय बाद भी अनुमति नहीं मिलने पर नेपाल ने विदेश मंत्रालय के जरिए यह कार्य करने का प्रयास किया.

उत्तराखंड सरकार ने चारधाम बोर्ड कानून किया रद्द, CM धामी ने पलटा त्रिवेंद्र सरकार का फैसला

नेपाल के बदले रवैये के चलते भारतीय सेना और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई है. नेपाल से सटी सीमा से अराजक तत्वों के देश में प्रवेश को रोकने की दृष्टि से एसएसबी ने निगरानी तेज कर दी है. झूलापुल से आने वाले नागरिकों को अब कड़ी जांच के साथ बिना पहचान पत्र दिखाए भारत में प्रवेश नहीं मिल रहा है.

आगामी चुनाव भी एक वजह:

इस बढ़ी सुरक्षा को राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भी देखा जा रहा है. साथ ही देश के भीतर आराजक तत्वों की आवाजाही को भी रोकना है. बता दें नेपाल रोजगार व अन्य कार्य के लिए भारत पर निर्भर है. रोजाना औसतन 10 हजार से अधिक लोग पिथौड़ागढ़ के रास्ते रोजगार व अन्य कामों के लिए भारत आते-जाते हैं. जिसमें से 90 प्रतिशत से अधिक नेपाल के निवासी होते हैं.

कड़ाई के चलते लगी लंबी कतार:

नेपाल-भारत सीमा पर झूलापुल सुबह 7.30 बजे से 5बजे तक खुलते हैं. लेकिन कड़ी सुरक्षा के चलते लोगों को कड़ी जांच से गुजरना पड़ रहा है. ऐसे में सोमवार लोगों की लंबी लाइन देखने को मिली. अनाशासन बनाने के लिए एसएसबी ने रस्सी बांधकर व्यावस्था ठीक की.

संदिग्ध लगने पर मांगा जाता है पहचान पत्र:

अमित कुमार, असिस्टेंट कमाडेंट, एसएसबी, धारचूला ने बताया कि नियमित तरीके से सीमा पर रूटीन जांच की जाती है. उसी के तहत ही यहां पर जांच की जा रही है. बता दें कि पहले भारत-नेपाल सीमा पर इन पुलों से विशेष मामलों को छोड़कर हमेशा दोनों देशों की सुरक्षा एंजेंसियां नागरिकों को सीधे प्रवेश दे देती थीं. इसके पहले किसी को पहचान पत्र की जरूरत नहीं पड़ती थी. यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति नजर आता था तो ही परिचय पत्र मांगा जाता था. उसके बाद उसे प्रवेश दिया जाता था.

अन्य खबरें