पूर्व CM हरीश रावत का BJP पर निशाना- ‘बोया पेड़ बबूल का तो आम कहां से खाए'

ABHINAV AZAD, Last updated: Fri, 10th Sep 2021, 6:04 PM IST
  • पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरीश ने भाजपा में शामिल हुए कांग्रेस के बागियों पर निशाना साधते हुए कहा है कि अभी तो भाजपाई केवल रो रहे हैं, आने वाले दिनों में खांटी भाजपाई और संघी सब खून के आंसू रोएंगे.
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए बीजेपी पर निशाना साधा.

देहरादून. कांग्रेस के अंदर दल बदलने वाले नेताओं को लेकर एक बार फिर माहौल गरमा गया है. पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरीश ने भाजपा में शामिल हुए कांग्रेस के बागियों पर निशाना साधते हुए कहा है कि अभी तो भाजपाई केवल रो रहे हैं, आने वाले दिनों में खांटी भाजपाई और संघी सब खून के आंसू रोएंगे. बता दें 2022 में उत्तराखंड में चुनाव होने है और चुनाव से पहले कांग्रेस के बागियों का दल बदलना लंबे समय से कांग्रेस की हार की वजहों में एक माना जा रहा है.

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया के एक पोस्ट में बोला कि जिस दल से दल-बदल होता है, वह केवल एक बार रोता है. दल-बदल करने वाले जिस दल में जाते हैं, वह कई बार रोता है. भाजपा की मौजूदा स्थिति अब 'बोया पेड़ बबूल का तो आम कहां से खाएं' सरीखी है. जो पार्टी अपने अनुशासन को सराहते हुए अघाती नहीं थी, उसके अनुशासन की धज्जियां उड़ रही हैं.

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी प्रदेश मुख्यालय पहुंची, रणनीति कमेटी की बैठक शुरू

उत्तराखंड के लिए 2022 चुनावी साल है, जिसके मद्देनजर सभी पार्टियां धड़ेबंदी में जुट गई है. लेकिन कांग्रेस अपने बागी नेताओं से ही पार नहीं पा रही है. हाल ही में जयपुर जिला प्रमुख चुनाव में अंतिम समय में रमा देवी का दल बदलना कांग्रेस की हार की वजह बना. जिस पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस के मंत्रियों पर निशाना साधते हुए कहा था कि ये वहीं लोग है जो एक बार सरकार गिराने की कोशिश कर चुके है. ऐसे में हरीश रावत का पोस्ट 2022 के चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है.

देहरादून. कांग्रेस के अंदर दल बदलने वाले नेताओं को लेकर एक बार फिर माहौल गरमा गया है. पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरीश ने भाजपा में शामिल हुए कांग्रेस के बागियों पर निशाना साधते हुए कहा है कि अभी तो भाजपाई केवल रो रहे हैं, आने वाले दिनों में खांटी भाजपाई और संघी सब खून के आंसू रोएंगे. बता दें 2022 में उत्तराखंड में चुनाव होने है और चुनाव से पहले कांग्रेस के बागियों का दल बदलना लंबे समय से कांग्रेस की हार की वजहों में एक माना जा रहा है.

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया के एक पोस्ट में बोला कि जिस दल से दल-बदल होता है, वह केवल एक बार रोता है. दल-बदल करने वाले जिस दल में जाते हैं, वह कई बार रोता है. भाजपा की मौजूदा स्थिति अब 'बोया पेड़ बबूल का तो आम कहां से खाएं' सरीखी है. जो पार्टी अपने अनुशासन को सराहते हुए अघाती नहीं थी, उसके अनुशासन की धज्जियां उड़ रही हैं.

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उत्तराखंड के लिए 2022 चुनावी साल है, जिसके मद्देनजर सभी पार्टियां धड़ेबंदी में जुट गई है. लेकिन कांग्रेस अपने बागी नेताओं से ही पार नहीं पा रही है. हाल ही में जयपुर जिला प्रमुख चुनाव में अंतिम समय में रमा देवी का दल बदलना कांग्रेस की हार की वजह बना. जिस पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस के मंत्रियों पर निशाना साधते हुए कहा था कि ये वहीं लोग है जो एक बार सरकार गिराने की कोशिश कर चुके है. ऐसे में हरीश रावत का पोस्ट 2022 के चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है.

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