हरिद्वार धर्म संसद मामलाः रिजवी और नरसिंहानंद की गिरफ्तारी पर संतों ने कही ये बात

Shubham Bajpai, Last updated: Mon, 17th Jan 2022, 9:14 AM IST
  • हरिद्वार में हुई धर्म संसद मामले में वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण त्यागी और यति नरसिंहानंद की गिरफ्तारी के विरोध में संतों ने प्रतिकार सभा का आयोजन किया. सभा में दोनों की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए रिहाई की मांग की. सतों ने राज्य की धामी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि परिणाम अच्छे नहीं होंगे.
हरिद्वार में आयोजित धर्म संसद ( फाइल फोटो)

हरिद्वार/देहरादून (वार्ता). उउत्तराखंड के हरिद्वार में विगत दिनों पहले आयोजित हुई धर्म संसद मामले में भड़काऊ भाषण मामले में लगातार विरोध का सामना कर रही पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने आनन-फानन में जितेंद्र नारायण त्यागी (वसीम रिजवी) और यति नरसिंहानंद की गिरफ्तारी करवा दी. जिसको लेकर संतों ने राज्य की धामी सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए प्रतिकार सभा में दोनों की रिहाई की मांग की. संतों ने कहा कि इस तरह कृत्य से संतों का अपमान करने का प्रसास किया जा रहा है. जिसका आने वाले समय में अच्छे परिणाम नहीं आएंगे.

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प्रतिकार सभा में धर्म संसद के आयोजक स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए जितेंद्र नारायण त्यागी समाज में सम्मान की दृष्टि से ऊंचा स्थान रखते हैं. वहीं महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी भी सम्मानित संत हैं. संत सनातन धर्म के लिए अपना सब कुछ बलिदान करने के लिए तैयार रहता है. उन्होंने कहा कि देश का कोई भी संत कानून का उल्लंघन नहीं करता है. दबाव में संतों पर जिस प्रकार से मुकदमे दर्ज किए गए और सरकार ने भीड़ तंत्र के प्रभाव में आकर संतों पर दबाव बनाने के लिए आनन-फानन में एसआईटी का गठन किया. प्रशासन द्वारा संतों को भयभीत करने के प्रयास में एक सोची-समझी रणनीति के तहत अपमानजनक तरीके से गिरफ्तारियां की जा रही हैं. इससे संतों में भारी आक्रोश है.

संतों ने इस प्रतिकार सभा में चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने तुरंत अपने इस रवैए में परिवर्तन नहीं किया तो इसके परिणाम अच्छे नहीं होंगे. उन्होंने महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी तथा जितेंद्र नारायण त्यागी को ससम्मान रिहा करने की मांग की है. उन्होंने आह्वान किया कि अब यह लड़ाई जारी रहेगी. इसके लिए संत सड़कों पर उतरने में जरा भी संकोच नहीं करेंगे. इसके बाद पैदा हुई किसी भी परिस्थिति के लिए सरकार जिम्मेदार होगी.

इस दौरान स्वामी अमृतानंद, महामंडलेश्ववर प्रबोधानंद गिरि, सागर सिंधु राज, स्वामी ललितानंद, विनोद, स्वामी परामानंद, स्वामी शिवानंद आदि मौजूद रहे. इसके साथ ही, सर्वानंद घाट पर जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी की गिरफ्तारी के खिलाफ अनशन पर बैठे स्वामी अमृतानंद ने रसाहार के साथ अपना अनशन जारी रखा है, जबकि अनशन पर बैठे स्वामी यति नरसिंहानंद को पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद, सीने में दर्द होने पर, शनिवार रात भर उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में रखा. इसके बाद रविवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया. जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया.

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