हरिद्वार धर्म संसद में विवादित बयान का विरोध, देहरादून में मुस्लिम संगठनों ने निकाला मार्च

Mithilesh Kumar Patel, Last updated: Sat, 1st Jan 2022, 10:42 PM IST
  • मुस्लिम संगठन के सदस्यों ने हरिद्वार धर्म संसद में जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी समेत अन्य धर्मगुरूओं द्वारा दिए गए विवादित बयान, रिजवी की किताब मोहम्मद को प्रतिबंधित करने और हरिद्वार इंस्पेक्टर को सस्पेंड करने की मांग को लेकर देहरादून स्थित पुलिस मुख्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया.
हरिद्वार धर्म संसद में विवादित बयान का विरोध, देहरादून में मुस्लिम संगठनों ने निकाला मार्च

देहरादून. उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित पुलिस मुख्यालय के समक्ष मुस्लिम संगठन के सदस्यों ने हरिद्वार धर्म संसद में वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी समेत अन्य धर्मगुरूओं द्वारा दिए गए विवादित बयान, रिजवी की किताब को प्रतिबंधित करने और हरिद्वार इंस्पेक्टर को सस्पेंड करने की मांग को लेकर को जोरदार प्रदर्शन किया. शनिवार सुबह पुलिस मुख्यालय के नजदीक कनक चौक के पास कूच के लिए भारी संख्या में लोग पर इकट्ठा हुए. इस दौरान पुलिस ने बैरिकेड लगाकर धरनारत प्रदर्शनकारियों को रोका. जिसके बाद कूच कर रहे लोगों ने वहीं बैठ कर विरोध प्रदर्शन जारी रखा. एसपी सिटी सरिता डोबाल समेत कई पुलिस अफसरों ने उन्हें काफी समझाने की कोशिश की मगर प्रदर्शनकारी हाथों में तिरंगा लिए अपनी मांगों पर अड़े रहे. कूच कर रहे प्रदर्शनकारीयों का सूबे के पुलिस महानिदेशक से मामले में कार्रवाई की मांग की है.

मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी ने कहा कि हरिद्वार पुलिस और राज्य सरकार की मंशा ठीक नहीं है, जिसके चलते आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हो रही है. उन्होंने आगे कहा कि जब तक इस मामले में शासन और प्रशासन की तरफ से कार्रवाई नहीं होगी, संगठन सदस्य और अन्य लोग आंदोलन खत्म नहीं करेंगे. बता दें कि इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में उलेमा भी मौजूद हैं. साथ ही इस कूच में मुफ्ती रईस अहमद कासमी, मुफ्ती सलीम अहमद कासमी, सद्दाम हुसैन, साकिर कुरेशी, दानिश कुरेशी और अन्य गणमान्य भी शामिल हैं.

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इस मामले को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों का हरिद्वार में भी विरोध प्रदर्शन

राजधानी के आलावा हरिद्वार में भी मुस्लिम समाज के लोगों ने मांग की है कि वसीम रिजवी उर्फ  जितेंद्र त्यागी को गिरफ्तार किया जाए. साथ ही हरिद्वार के ज्वालापुर के जटवाड़ा पुल पर एकत्र हुए लोगों ने इस पूरे विवादित मामले को लेकर शहर कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह कठैत को भी पद से हटाने की मांग भी की है. 

बता दें कि उत्तरी हरिद्वार के वेद निकेतन में 17 से 19 दिसंबर के बीच चले 3 दिवसीय धर्म संसद में अन्य धर्म गुरूओं समेत वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण त्यागी ने भी भड़काऊ भाषण दिया था. इसके आलावा त्यागी ने अपनी पुस्तक मोहम्मद में भी अमर्यादित टिप्पणी किया है. उनके द्वारा  धर्म संसद में दिए गए भड़काऊ भाषण के संबंध में ज्वालापुर निवासी गुलबहार खां ने प्रभावी धाराओं में FIR दर्ज कराया था. विवेचनाधिकारी ने इस मामले में 2 अन्य संत साध्वी अन्नपूर्णा और धर्मदास को भी नामजद किया था. इसके आलावा वसीम रिजवी के खिलाफ इस मामले में हरिद्वार कोतवाली पुलिस ने 41 सीआरपीसी का नोटिस भी तामील कराया है.

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धर्म परिवर्तन कर वसीम रिजवी से बने जितेंद्र नारायण त्यागी

बता दें कि हाल ही में गाजियाबाद के डासना मंदिर के एक समारोह में वसीम रिजवी ने इस्लाम धर्म छोड़ कर सनातन धर्म अपना लिया है. इस समारोह के बाद उन्होंने विधिविधान से वसीम रिजवी के बदले जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी नाम अपना लिया है. सनातन धर्म अपनाने के बाद  त्यागी ने कहा है कि यह उनकी पसंद पर निर्भर करता है कि वह किस धर्म का पालन करना चाहते है. आगे जितेंद्र त्यागी ने कहा है कि मुझे इस्लाम से बाहर धकेला जा रहा था. मेरे सिर पर इनामी राशि थी. इसलिए, मैंने दुनिया के सबसे पुराने धर्म को अपनाने का विकल्प चुना.

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