मॉब लिंचिंग, मौलाना कलीम की रिहाई समेत इन मांगों को लेकर देहरादून में जुटेंगे हजारों

Nawab Ali, Last updated: Fri, 1st Oct 2021, 11:36 PM IST
  • प्रेसक्लब देहरादून में मुस्लिम सेवा संगठन ने आज एक प्रेसवार्ता की है. मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी ने कहा है कि देश तथा प्रदेश में धर्म विशेष और दलितों समुदायों के लोगों को घृणा और हिंसा का निशाना बनाया जा रहा है जो कि अत्यंत चिंता का विषय है. तमाम मांगों को लेकर मुस्लिम सेवा संगठन के हजारों कार्यकर्ता 3 अक्टूबर को देहरादून में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे.
3 अक्टूबर को देहरादून में मुस्लिम सेवा संगठन के कार्यकर्ता राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे.

देहरादून. प्रेसक्लब देहरादून में मुस्लिम सेवा संगठन ने आज एक प्रेसवार्ता की है. मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी ने कहा है कि देश तथा प्रदेश में धर्म विशेष और दलितों समुदायों के लोगों को घृणा और हिंसा का निशाना बनाया जा रहा है जो कि अत्यंत चिंता का विषय है. घृणा का माहौल बनाने वाले लोगों के खिलाफ राजनेताओं तथा प्रशासन के अधिकारीयों द्वारा कोई कार्रवाई न करके बढ़ावा दिया जा रहा है. देश में मॉब लिंचिंग के खिलाफ कानून, गाय को राष्ट्रिय पशु घोषित करने और मौलाना कलीम सिद्दीकी को रिहा करने समेत तमाम मांगों को लेकर मुस्लिम सेवा संगठन के हजारों कार्यकर्ता 3 अक्टूबर को देहरादून में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे.

मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी ने बताया है कि देश में अल्पसंख्यकों और दलितों के खिलाफ बढ़ रही हिंसा से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश की बदनामी हो रही है. और साथ ही समाज में अराजकता का माहौल बनाया जा रहा है. राजनेता और अधिकारी ऐसे लोगों पर कार्रवाई न करके उन्हें प्रोत्साहन देने का काम किया जा रहा है. जिसके विरोध में 3 अक्टूबर को मुस्लिम सेवा संगठन के हजारों कार्यकर्ता देहरादून के पुराना बस अड्डा परिसर में जुटेंगे. 

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मुस्लिम सेवा संगठन की मांग

मुस्लिम सेवा संगठन ने तमाम मांगों को लेकर प्रेसवार्ता की है. संगठन का कहना है कि धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार किये गए मौलाना कलीम सिद्दीकी को रिहा किया जाये. मॉब लिंचिंग के विरुद्ध केंद्र सरकार कानून बनाया जाये. एनआरसी कानून को रद्द किया जाए. तबलीगी जमात प्रकरण में जांच करा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाये. जौहर यूनिवर्सिटी की सुरक्षा एवं निर्बाध पठान-पाठन सुनिश्चित किया जाए. सच्चर एवं स्वामी रंगनाथन कमेटी के अक्षरांश लागू किये जाए. जातिगत जनगणना का प्रावधान किया जाये. एससी-एसटी एक्ट की भांति मुस्लिम एक्ट लागू किया जाए जिसमें मुस्लिम समाज के लिए आपत्तिजनक शांदो का प्रयोग पर सजा का प्रावधान किया जाये.

 

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