जनरल बिपिन रावत की उत्तराखंड के अपने गांव में घर बनाने की हसरत अधूरी रह गई

Shubham Bajpai, Last updated: Thu, 9th Dec 2021, 10:07 AM IST
  • तमिलनाडु में हुए प्लेन क्रेश में देश के सेना के शीर्ष अधिकारी वीपिन रावत नहीं रहे. उनके साथ अन्य कई अधिकारी व उनकी पत्नी की भी मौत हो गई. उनके जाने के साथ उनकी आखिरी इच्छा भी अधूरी रह गई. वो अपने गांव कांडाखाल में अपना मकान बनाना चाहते थे, लेकिन व्यस्तता की वजह से ये नहीं हो पाया.
जनरल बिपिन रावत की उत्तराखंड के अपने गांव में घर बनाने की हसरत अधूरी रह गई

देहरादून. तमिलनाडु के कोयंबटूर के पास मिग-17 प्लेन क्रेश हो गया. हादसे में सेना के शीर्ष अधिकारी बिपिन रावत की मौत हो गई. उनकी मौत से पूरे देश के साथ उनके गांव उत्तराखंड के पौड़ी स्थित सैणा में भी शोक का माहौल है. इस गांव से विपिन को काफी लगाव था. उनके चाचा भरत सिंह रावत ने बताया कि सीडीएस विपिन रावत की हमेशा से हसरत थी कि वो गांव में अपना घर बनाए लेकिन वो पूरी होने से पहले ही वो हम सबको छोड़कर चले गए.

अप्रैल में मकान बनाने जा रहा था बिपिन

बिपिन रावत की मौत की खबर उनके गांव में पहुंचते ही लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है. इस बीच खुद को संभालते हुए उनके चाचा भरत सिंह रावत ने बताया कि विपिन को अपने गांव से काफी लगाव था. वो अप्रैल में यहां आने और मकान बनवाने जा रहे थे, लेकिन उनके जाने से ये इच्छा अधूरी रह गई.

तमिलनाडु में सेना का हेलिकॉप्टर क्रैश, CDS बिपिन रावत पत्नी और स्टाफ संग थे सवार

2018 में आखिर बार आए थे गांव

चाचा ने बताया कि जनरल रावत आखिरी बार अपने गांव आर्मी चीफ बनने के बाद अप्रैल 2018 में आए थे. इस दौरान कुछ वक्त सबके साथ बिताकर वो वापस चले गए थे. इस दौरान उन्होंने अपनी कुलदेवता की पूजा भी की थी. तभी रावत ने कहा था कि वो अप्रैल 2022 में आएंगे और गांव में एक मकान बनाकर कुछ समय यहां ही रहेंगे.

जनरल बिपिन रावत का हेलिकॉप्टर हादसे में निधन, ऐसा रहा उनका सैन्य करियर

गांव की आर्थिक स्थिति के लिए करना चाहते थे काम

भरत सिंह रावत ने बताया कि बिपिन हमेशा से गांव के लोगों के लिए कुछ करना चाहते थे ताकि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके. वो हमेशा ग्रामीण क्षेत्र में पलायन को लेकर दुखी रहते थे. उन्होंने कहा था कि सेवानिवृत्त होने के बाद गांव में रहकर लोगों के लिए काम करूंगा. वो अपना कुछ समय गांव की शांत वादियों में व्यतीत करना चाहते थे.

अन्य खबरें