उत्तराखंड में रोड शो-रैलियों के बिना ही होगा चुनाव प्रचार, पाबंदियां रहेंगी जारी

Mithilesh Kumar Patel, Last updated: Sun, 6th Feb 2022, 10:37 PM IST
  •  चुनाव आयोग ने रविवार को अपने जारी आदेश में पांचों चुनावी राज्यों के राजनीतिक पार्टियों और उम्मीदवारों को रोड शो, वाहन रैली, पदयात्रा और अपने-अपने क्षेत्र के मतदाताओं से जनसंपर्क बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर रैलियां करने पर रोक जारी रखा है. हालांकि डोर-टू-डोर व मीटिंग के लिए थोड़ी बहुत राहत दी है.
बिना रोड-शो और रैली के होगा इस बार उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव

देहरादून. उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए गिनती के केवल 6 दिन बचे हैं. फिर भी चुनाव आयोग द्वारा राजनीतिक पार्टियों और चुनावी मैदान में खुद को आजमाने उतरे उम्मीदवारों को रोड शो, वाहन रैली, पदयात्रा और अपने-अपने क्षेत्र के मतदाताओं से जनसंपर्क बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर रैलियों को आयोजित करने की इजाजत नहीं दी है. यहीं कारण है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में होने वाले प्रचार अभियान बिना धूम धड़ाके के ही समाप्त होने के कगार पर पहुंच गए हैं.

बीते 8 जनवरी को विधानसभा चुनावों की घोषणा करते हुए चुनाव आयोग ने कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी से हो रहे बढ़ोत्तरी को देखते हुए बड़ी बड़ी चुनावी रैलियों पर रोक लगाई थी. और कोविड संक्रमण के तीसरे लहर के आशंकाओं के बीच आयोग ने उस समय चुनाव प्रचार सीमित करते हुए केवल डिजिटल माध्यम से ही मतदाताओं से जनसंपर्क बनाने की अनुमति दी थी. चौथे दौर की समीक्षा के बाद रविवार को आयोग द्वारा जारी आदेश में फिलहाल चुनाव प्रचार में ढ़ील दिए जाने संबंधी कोई फरमान नहीं है. मतलब आयोग ने अब भी पार्टियों और प्रत्याशियों को बड़ी रैलियां करने, रोड शो, पदयात्रा और वाहन रैलियां निकालने की छूट नहीं दी है.

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आयोग ने मतदाताओं से जनसंपर्क बनाने के लिए केवल 20 लोगों के साथ डोर टू डोर चुनाव प्रचार करने और इंडोर मीटिंग में हॉल की कुल क्षमता से 25 फीसदी लोगों और आउटडोर में कुल क्षमता से 30 फीसदी लोगों के साथ मीटिंग करने की इजाजत दी है. इस फैसले को लेकर आयोग के संयुक्त डॉयरेक्टर अनुज चंडाक ने बताया है कि चुनाव आयोग ने अपने जारी आदेश के तहत उक्त फैसला पांचों चुनावी राज्यों और आयोग के स्पेशल ऑबजर्वर की रिपोर्ट के आधार पर लिया है.

आयोग ने बताया कि चुनावी राज्यों ने कोविड की स्थिति में सुधार का दावा किया है, साथ ही इन राज्यों में स्कूल-कॉलेज फिर से ऑफलाइन संचालित करने के लिए खोले जा रहे है. इसी को देखते हुए चुनाव आयोग ने भी सभी इंनडोर और आउटडोर मीटिंग में उपस्थित होने वाले लोगों की छूट राहत दी है. हालांकि इन सभी गतिविधियों में शिरकत करने वाले लोगों को मौजूदा कोविड गाइडलाइन के अनुरूप व्यवहार हर हाल में करना होगा. इसे लेकर उत्तराखंड की मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने सभी राजनीतिक दलों और चुनावी मैदान में अपनी जीत की दावेदारी ठोक रहे प्रत्याशियों से कोरोना गाइडलाइन के पालन करने की अपील की है.

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